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विशिष्ट पहचान बना रही आदि कैलाश परिक्रमा : महाराज
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देहरादून। पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा, उत्तराखंड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। साथ ही पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन उच्च हिमालयी क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।
बृहस्पतिवार को गुजरात के अहमदाबाद के कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में पर्यटन मंत्री महाराज ने राज्य में पर्यटन क्षेत्र में स्थापित हो रहे नए आयामों व योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा, उत्तराखंड केवल एक राज्य ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड की पहचान केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रहे, इसे एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में आध्यात्मिक, साहसिक, वेलनेस एवं योग, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, होमस्टे को नई गति प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। राज्य में होमस्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था व रोजगार को बढ़ावा मिला है।
महाराज ने कहा कि गुजरात और उत्तराखंड का संबंध भावनात्मक व सांस्कृतिक रूप जुड़ा है। उन्होंने सभी ट्रैवल ऑपरेटर, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि उत्तराखंड को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, एक संपूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में अपने ग्राहकों और दर्शकों तक पहुंचाएं। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे मौजूद रहे।
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बृहस्पतिवार को गुजरात के अहमदाबाद के कन्वेंशन एंड एग्जिबिशन सेंटर में आयोजित ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (टीटीएफ) में पर्यटन मंत्री महाराज ने राज्य में पर्यटन क्षेत्र में स्थापित हो रहे नए आयामों व योजनाओं को साझा किया। उन्होंने कहा, उत्तराखंड केवल एक राज्य ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड की पहचान केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रहे, इसे एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में आध्यात्मिक, साहसिक, वेलनेस एवं योग, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, होमस्टे को नई गति प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड के सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। राज्य में होमस्टे योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था व रोजगार को बढ़ावा मिला है।
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महाराज ने कहा कि गुजरात और उत्तराखंड का संबंध भावनात्मक व सांस्कृतिक रूप जुड़ा है। उन्होंने सभी ट्रैवल ऑपरेटर, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि उत्तराखंड को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, एक संपूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में अपने ग्राहकों और दर्शकों तक पहुंचाएं। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे मौजूद रहे।
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