सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   AI will accurately assess power demand Regulatory Commission releases draft ten-year needs plan Uttarakhand

उत्तराखंड: AI से होगा बिजली की मांग का सटीक आकलन, नियामक आयोग का दस साल की जरूरत प्लान का मसौदा जारी

अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Wed, 13 May 2026 07:49 AM IST
विज्ञापन
सार

अब एआई से बिजली की मांग का सटीक आकलन होगा। नियामक आयोग ने 10 साल की बिजली जरूरत प्लान का मसौदा जारी किया है। 12 जून तक सभी हितधारक सुझाव दे सकते हैं।

 

AI will accurately assess power demand Regulatory Commission releases draft ten-year needs plan Uttarakhand
electricity - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

उत्तराखंड में भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने और अघोषित बिजली कटौती से निपटने के लिए उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है। आयोग ने संसाधन पर्याप्तता ढांचा (रिसोर्स एडिक्वेसी फ्रेमवर्क) नियमावली 2026 का मसौदा जारी किया है। इसके तहत अब राज्य में अगले 10 वर्षों की बिजली मांग और आपूर्ति का सटीक खाका तैयार किया जाएगा। इस मसौदे पर 12 जून तक सुझाव दे सकते हैं।

Trending Videos

नए नियमों के अनुसार, बिजली वितरण कंपनियों को अब पारंपरिक तरीकों के बजाए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। भविष्य में कितनी बिजली की जरूरत पड़ेगी, इसका अंदाजा लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों की मदद ली जाएगी। इसमें मौसम के डाटा, जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक बदलावों को भी आधार बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों या त्योहारों के दौरान जब बिजली की मांग अचानक बढ़ती है तो आपूर्ति कम पड़ जाती है। इस समस्या के समाधान के लिए आयोग ने प्लानिंग रिजर्व मार्जिन (पीआरएम) का प्रावधान किया है। यानी यूपीसीएल को अपनी अनुमानित अधिकतम मांग से कुछ प्रतिशत अधिक बिजली का इंतजाम पहले से रखना होगा।

ये भी पढ़ें...Uttarakhand: प्रदेश के पहले खेल विवि का रास्ता साफ, केंद्र और पर्यावरण मंत्रालय ने भूमि हस्तांतरण को दी मंजूरी

बिजली खरीद के लिए नए नियम

आयोग ने बिजली खरीद के लिए भी कड़े मानक तय किए हैं। वितरण कंपनियों (यूपीसीएल) को अपनी कुल जरूरत का 80 से 85 प्रतिशत हिस्सा दीर्घकालिक अनुबंधों के जरिए जुटाना होगा ताकि बाजार में बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर उपभोक्ताओं पर न पड़े। वहीं, पनबिजली के साथ-साथ सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के बीच बेहतर संतुलन बनाने पर भी जोर दिया गया है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed