Uttarkashi: भागीरथी नदी के लगातार कटाव से भटवाड़ी कस्बे का खतरा, आपदा के भय के साए में जीने को मजबूर लोग
भागीरथी नदी के लगातार कटाव से भटवाड़ी कस्बे को खतरा बना हुआ है। कटाव से बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति भारी रोष है।
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भटवाड़ी तहसील मुख्यालय और चढ़ेती बाजार में भागीरथी नदी के लगातार हो रहे कटाव से स्थानीय आबादी, कृषि भूमि और भवनों पर खतरा बना हुआ है। सुरक्षात्मक कार्य न होने से स्थानीय जनमानस हर साल बरसात में आपदा की आशंका से भय के साए में जीने को मजबूर हैं। बीते वर्ष भी मानसून सीजन के दौरान नदी के कटाव के कारण प्रशासन ने चड़ेथी और बलदेव बाजार को खाली करवाया था।
वर्ष 2010 से लगातार आ रही आपदा से भटवाड़ी मुख्यालय असुरक्षित है और आज तक यहां शासन प्रशासन ने सुरक्षा के ठोस कदम नहीं उठाए हैं। वर्ष 2010 में भूधंसाव और वर्ष 2012-13 की भीषण बाढ़ के दौरान भटवाड़ी क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था। उस समय कई मकान क्षतिग्रस्त हुए थे और सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा था।
ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति भारी रोष
तहसील भवन तक प्रभावित हुआ था जिससे प्रशासनिक कार्यों पर भी असर पड़ा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले अनुभवों के बावजूद आज तक स्थायी सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं। नदी किनारे मजबूत सुरक्षा दीवार, तटबंध या अन्य सुरक्षात्मक कार्यों की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
लगातार हो रहे कटाव से बरसात के मौसम में खतरा और बढ़ जाता है। ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति भारी रोष है और वे जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी बड़ी आपदा से बचा जा सके। शासन प्रशासन स्तर पर भटवाड़ी को सुरक्षित करने की दिशा में कदम न उठाए जाने से स्थानीय जनमानस हर वर्ष डर के सारे में जीने को मजबूर है।
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ग्राम प्रधान विवेक नौटियाल एवं क्षेत्र पंचायत आसिता नौटियाल का कहना है कि यदि भटवाड़ी को सुरक्षित करने के लिए पापड़ गाड़ से ब्लॉक तक आरसीसी दीवार नहीं लगती तो बरसात के मौसम में किसी बड़ी घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।