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Dehradun News: साहिया क्षेत्र में आज से शुरू होगा बिस्सू मेला, ग्रामीणों ने तैयारियां की पूरी

Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 07:43 PM IST
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Bissu fair will start from today in Sahiya area, villagers have completed preparations.
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साहिया। क्षेत्र में मंगलवार से पांच दिवसीय बिस्सू मेले की शुरूआत होगी। लोक पर्व के लिए ग्रामीणों ने सभी प्रकार की तैयारियों को पूरा कर लिया है। क्षेत्रवासियों में पर्व का उत्साह देखते ही बन रहा है।
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जन जाति क्षेत्र जौनसार बावर में बिस्सू मेले की अपनी अलग ही पहचान है। पौराणिक संस्कृति को संजोए रखने वाले ऐतिहासिक बिस्सु पर्व की शुरुआत मंगलवार से संक्रांति के दिन फूलियात पर्व मनाने के साथ होगी। जिसके लिए आज लोग बड़ी संख्या में बाजार में खरीदारी करने पहुंचे हैं। विभिन्न स्थानों पर लगने वाले मेले के लिए मेला स्थलों पर सभी प्रकार की तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। फूलियात पर्व के दिन लोग अपने गांव के ईस्ट देवी देवताओं के मंदिरों की सजावट करके पूजा अर्चना करते हैं। इसके बाद चबरियावा, चुराणी-डांडा, पंजिया-डांडा, खमरोली आदि स्थानों पर बिस्सु मनाते हैं। लोक पर्व में रीति-रिवाज, जौनसारी वेष-भूषा, झूड्डा, तीर-कमान ठोऊड़ा नृत्य आदि में ग्रामीण व कलाकार पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग करते हैं। आज से प्रारंभ हो रहा बिस्सू मेला 18 अप्रैल तक चलेगा जिसका समापन क्वानू गांव में बिस्सू मेले के आयोजन के साथ होता है। स्थानीय बुजुर्ग समाज व सेवी चतर सिंह चौहान, रूपराम राठौर, धन सिंह बिष्ट, रणसिंह चौहान, गुमान सिंह आदि बताया बिस्सु पर्व आपसी संबंधों को प्रगाढ़ करने, मेल-मिलाप का माध्यम है। मेले में आने वाले आसपास के गांव के ग्रामीण, नाते-रिश्तेदारों को एक-दूसरे का हालचाल लेने व सुख-दुख पूछने का अवसर मिल जाता है। इस अवसर पर तीर-कमान, हारूल, जैंता, रासो, जैसे नृत्य मुख्य आकर्षण बनते हैं।
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लड्डू, गुड़ व आटे से बनने वाले व्यंजन शुभ

बिस्सू पर्व में चावल के लड्डू, गुड़ व आटे से बनने वाले व्यंजन महत्वपूर्ण व शुभ माने जाते हैं। जो बिस्सू मेले में आपसी भाईचारे, प्रेम को बढ़ावा देते हैं। सभी लोग इस प्रकार के व्यंजनों का मिलजुलकर सेवन करते हैं। फूलियात के दिन बुरांश व पेगडियाडे के फूल बहुत ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं। जिनसे मंदिरों की सजावट की जाती है और ग्रामीण उनके गुच्छे बनाकर लोक नृत्य करते हैं।
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