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Uttarakhand: नई बेड ब्रेकफास्ट नीति के विरोध में आई कांग्रेस, करन माहरा बोले-राज्य के हितों के खिलाफ

संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: Renu Saklani Updated Sat, 13 Jun 2026 01:58 PM IST
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सार

नई बेड ब्रेकफास्ट नीति को लेकर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि यह नीति राज्य के हितों के खिलाफ है। 

Congress opposes new Bed & Breakfast policy Karan Mahara stated that policy is against state interests
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करन माहरा ने पर्यटन विभाग की ओर से लागू की गई बेड एंड ब्रेकफास्ट पंजीकरण व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा है कि यह नीति राज्य के मूल निवासियों, स्थानीय पर्यटन व्यवसाय और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान के लिए दीर्घकालिक खतरा उत्पन्न कर सकती है।

माहरा ने कहा कि उत्तराखंड में होमस्टे योजना का उद्देश्य स्थानीय परिवारों को पर्यटन से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। होमस्टे की अवधारणा स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक आतिथ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विकसित की गई थी लेकिन वर्तमान बी एंड बी नीति में ऐसे प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनके तहत संपत्ति का मालिक स्वयं उस परिसर में निवास किए बिना भी अधिकृत ऑपरेटर, मैनेजर या वाणिज्यिक सेवा प्रदाता के माध्यम से पर्यटन व्यवसाय संचालित कर सकता है।

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सख्त भू-कानूनों की बात

उन्होंने कहा कि एक ओर राज्य सरकार उत्तराखंड की भूमि, संसाधनों और जनसांख्यिकीय संतुलन की रक्षा के नाम पर सख्त भू-कानूनों की बात करती है। दूसरी ओर, ऐसी नीतियां लाई जा रही हैं, जो बाहरी व्यक्तियों और व्यावसायिक समूहों के लिए अप्रत्यक्ष रूप से राज्य के पर्यटन क्षेत्र में प्रवेश के नए रास्ते खोलती दिखाई दे रही हैं।

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यह स्थिति सरकार की नीतियों और उसके सार्वजनिक बयानों के बीच गंभीर विरोधाभास को दर्शाती है। माहरा ने सरकार से मांग की कि नीति के सभी प्रावधानों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारकों, होटल व्यवसायियों, होमस्टे संचालकों और सामाजिक संगठनों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही किसी अंतिम व्यवस्था को लागू किया जाए।



 

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