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Dehradun News: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले चचेरे भाई को 20 साल की सजा
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विशेष पॉक्सो (एफटीएससी) अदालत ने 13 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए चचेरे भाई को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 71 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास और मानसिक आघात को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) को उत्तराखंड पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत उसे तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अभियोजन के अनुसार वर्ष 2023 में कोतवाली देहरादून क्षेत्र की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी के साथ रिश्ते में भाई लगने वाले आरोपी ने कई माह तक धमकी देकर दुष्कर्म किया। आरोपी पीड़िता को परिवार को जान से मारने और आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने की धमकी देता था, जिसके कारण वह लंबे समय तक चुप रही। बाद में बड़ी बहन की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।सुनवाई के दौरान अभियोजन ने पीड़िता, उसके परिजनों, चिकित्सकों, विद्यालय के अभिलेखों के संरक्षक और विवेचक समेत कई गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए। उपलब्ध साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए कठोर सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश (एफटीएससी-पॉक्सो) मंजु सिंह मुंडे की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने आदेश दिया कि जेल में बिताई गई अवधि सजा में शामिल होगी। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि इस अपराध से पीड़िता को गहरा मानसिक, शारीरिक और सामाजिक आघात पहुंचा है। इसलिए उसके पुनर्वास और भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून को निर्देशित किया गया है कि उत्तराखंड पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता को तीन लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए। साथ ही प्राधिकरण को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर पीड़िता और उसके परिवार को इसकी जानकारी देने के भी निर्देश दिए गए हैं। अदालत ने सजा का वारंट जारी करते हुए दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए।
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