Uttarakhand: रुद्रपुर में बनाई जा सकती साइबर सिटी, टाटा और इंफोसिस समेत कई कंपनियां निवेश के लिए राजी
कंपनियों के सुझाव पर सरकार आईटी व सेवा क्षेत्र की नीतियों में भी बदलाव कर सकती है। आठ और नौ दिसंबर को प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन की तैयारी कर रही प्रदेश सरकार ने रोड शो के दौरान कई आईटी कंपनियों को निवेश के लिए उत्तराखंड में आमंत्रित किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश सरकार ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर के आसपास साइबर सिटी बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इस प्रस्ताव को अंजाम देने के लिए सरकार आईटी क्षेत्र की नामी कंपनियों से बात कर रही है।
टाटा और इंफोसिस सरीखी कंपनियों ने निवेश के लिए हामी भरी है। कंपनियों के सुझाव पर सरकार आईटी व सेवा क्षेत्र की नीतियों में भी बदलाव कर सकती है। आठ और नौ दिसंबर को प्रस्तावित वैश्विक निवेशक सम्मेलन की तैयारी कर रही प्रदेश सरकार ने रोड शो के दौरान कई आईटी कंपनियों को निवेश के लिए उत्तराखंड में आमंत्रित किया है।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आईटी सेक्टर में टाटा 5000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकता है। निवेश की राशि परिस्थितियों के अनुरूप और अधिक हो सकती है। इसके अलावा आईटी सेक्टर की अग्रणी कंपनी इंफोसिस से भी सरकार की बात हो चुकी है। इंफोसिस भी उत्तराखंड में बड़ा निवेश कर सकती है।
एक ही स्थान पर सभी आईटी कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराने की योजना
आईटी सेक्टर से जुड़ी कई और प्रमुख कंपनियों से चल रही बातचीत भी सकारात्मक मानी जा रही है। सरकार की योजना एक ही स्थान पर सभी आईटी कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराने की है। यदि ऐसा हो पाता है तो सरकार राज्य की पहली साइबर सिटी बनाने में सफल हो पाएगी। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, साइबर सिटी के लिए रुद्रपुर में पराग फार्म के पास उपलब्ध भूमि पर आईटी कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराई जा सकती है।
ये भी पढ़ें...Uttarkashi Tunnel Collapse: फूटा मजदूरों का गुस्सा, कंपनी की बड़ी लापरवाही आई सामने, इस वजह से हुआ भूस्खलन
सरकार की आईटी सेक्टर में 20-30 हजार करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य है। यदि सरकार अपने लक्ष्य के निवेश जुटा लेती है तो साइबर सिटी बनाए जाने की राह आसान हो जाएगी। नाम न बताने की शर्त पर एक आला अफसर ने कहा कि अब तक हुई बातचीत में आईटी कंपनियों का रिस्पांस बहुत सकारात्मक और उत्साहित करने वाला है।