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उपनल कर्मचारियों के अनुबंध नवीकरण में देरी कोर्ट की अवमानना: गोदियाल
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देहरादून। उपनल कर्मचारी महासंघ ने सरकारी विभागों द्वारा कर्मचारियों के अनुबंध नवीकरण में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है। महासंघ ने कहा कि यह अदालत के आदेशों की अवमानना है और इससे कर्मचारियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने बताया कि राज्य सरकार ने तीन फरवरी 2026 को समान कार्य-समान वेतन का शासनादेश जारी किया था। यह आदेश दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके उपनल कर्मचारियों के लिए था और इसे यथाशीघ्र लागू किया जाना था। लेकिन पांच माह के बाद भी कई विभागों ने पात्र कर्मचारियों के अनुबंध नवीकरण नहीं किए हैं। इससे कर्मचारी तीन माह से वेतन के लिए तरस रहे हैं।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि कुछ विभाग मार्च माह से वेतन भुगतान संबंधी शासनादेश न होने का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे उच्च न्यायालय के आदेशों की भावना के विपरीत बताया। महासंघ ने सरकार से तत्काल अनुबंध कराने की मांग की है। उन्होंने एक मार्च 2026 के कैबिनेट प्रस्ताव पर शासनादेश जारी कर कमीशन कटौती रोकने को कहा है।
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उपनल कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष विनोद गोदियाल ने बताया कि राज्य सरकार ने तीन फरवरी 2026 को समान कार्य-समान वेतन का शासनादेश जारी किया था। यह आदेश दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके उपनल कर्मचारियों के लिए था और इसे यथाशीघ्र लागू किया जाना था। लेकिन पांच माह के बाद भी कई विभागों ने पात्र कर्मचारियों के अनुबंध नवीकरण नहीं किए हैं। इससे कर्मचारी तीन माह से वेतन के लिए तरस रहे हैं।
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गोदियाल ने आरोप लगाया कि कुछ विभाग मार्च माह से वेतन भुगतान संबंधी शासनादेश न होने का बहाना बना रहे हैं। उन्होंने इसे उच्च न्यायालय के आदेशों की भावना के विपरीत बताया। महासंघ ने सरकार से तत्काल अनुबंध कराने की मांग की है। उन्होंने एक मार्च 2026 के कैबिनेट प्रस्ताव पर शासनादेश जारी कर कमीशन कटौती रोकने को कहा है।
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