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Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली का सफर तो होगा आसान पर दून बढ़ेगा ट्रैफिक का दवाब, चुनौतियों में होगा इजाफा

संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Mon, 13 Apr 2026 01:55 PM IST
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सार

Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर एक्सप्रेसवे बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर से होते हुए दून के आशारोड़ी को जोड़ता है। खास है कि एक्सप्रेसवे पर 100 से ज्यादा अंडरपास, कई फ्लाईओवर, रेलवे ओवरब्रिज और टनल बनाई गई है, लेकिन यातायात प्रवाह को थामने के लिए पुलिस-प्रशासन के समक्ष चुनौतियां होंगी। 

Delhi-Dehradun ExpresswayTraffic Challenges in Dehradun Could Intensify Uttarakhand News in hindi
दून में जाम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से राष्ट्रीय राजधानी का सफर तो आसान हो जाएगा, लेकिन इससे राज्य की राजधानी की चुनौतियों में इजाफा हो सकता है। फर्राटा भरते यातायात के प्रवाह से राजधानी के प्रवेश द्वार पर टकराव (जाम) का खतरा बने रहने की आशंका है। हालांकि, इससे बचने के लिए रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट पर काम हो रहा, मगर यह फिलहाल धरातल पर नहीं उतर सका है।

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दरअसल, जिस दिन से इस एक्सप्रेसवे की घोषणा हुई, तब से ही सरकार और आला अधिकारियों को एंट्री प्वाइंट पर शहर की सड़कों की क्षमताओं की चिंता सताने लगी थी। चारधाम यात्रा और गर्मियों में पर्यटन सीजन में यहां राजधानी में आने वाले वाहनों में एकाएक कई गुना तक की बढ़ोतरी हो जाती है।

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विधिवत शुरुआत होने से पहले यदाकदा जब इस नए मार्ग को खोला जाता था तब यातायात प्रवाह अचानक बढ़ जाता है। टनल खुलने के बाद यहां बड़े-बड़े कंटेनर आना शुरू हो गए तो एक साल में लगभग आधा दर्जन से ज्यादा बड़े हादसे भी आशारोड़ी क्षेत्र के ढलान पर हुए। इन सभी पहलुओं को देखते हुए समय-समय पर अधिकारियों की बैठकें होती हैं जिनमें भारी भरकम दिशा निर्देश इस क्षेत्र के मद्देनजर दिए जाते हैं। हालांकि, ये निर्देश अभी तक धरातल पर नहीं उतर सके हैं।

अभी तक दो विकल्प थे, अब सिर्फ एक

दिल्ली जाने के लिए राजधानी और आसपास के लोगों के पास दो विकल्प थे। पुराने रूट में समय लगता था तो बहुत से लोग हरिद्वार का रास्ता चुनते थे। यह मार्ग करीब छह साल पहले से संचालित हो रहा है। अब चूंकि यह हरिद्वार-दिल्ली मार्ग से चौड़ा और सीधा सपाट है तो इस पर और अधिक दबाव बढ़ने की संभावना है। ऐसे में फिर वही चिंता कि आशारोड़ी से शहर के बीच का सफर दिल्ली से भी लंबा हो सकता है।

जोगीवाला का नहीं निकला हल, अब दूसरा बोटलनेक तैयार

करीब छह साल पहले देहरादून-हरिद्वार फोर लेन हाईवे पूरी तरह बनकर तैयार हुआ था। उस वक्त देहरादून से हरिद्वार का सफर महज 40 से 50 मिनट का हो गया, मगर वहां से आने वाले दबाव को झेलने के लिए प्रवेश द्वार जोगीवाला तैयार नहीं था। लिहाजा परिणाम यह हुआ कि यह क्षेत्र एक बोटलनेक बनकर उभर आया। कुछेक दुकानें इधर-उधर हुईं तो चौड़ाई बढ़ गई लेकिन यह उस यातायात के प्रवाह को झेलने के लिए नहीं थी। नतीजा यह हुआ कि आम दिनों में जोगीवाला से देहरादून 40 मिनट और इससे पहले कारगी से जोगीवाला का महज पांच किलोमीटर का सफर भी 40 मिनट का ही हो गया। अब यही हाल आशारोड़ी क्षेत्र में भी होने की आशंका जताई जा रही है।

देहरादून में पांच साल में डेढ़ गुना बढ़े वाहन

पुलिस का अनुमान है कि एक्सप्रेसवे खुलने के बाद इस क्षेत्र में वाहनों की संख्या पीक समय में तीन से चार गुना तक हो सकती है। हालांकि, पुलिस इसके विधिवत शुरुआत के बाद एक सप्ताह का डाटा जुटाएगी। एसपी ट्रैफिक लोकजीत ने बताया कि फिलहाल यह आंशिक रूप से ही खुला है और पीक समय शुरू होने वाला है। ऐसे में एक सप्ताह का डाटा आने के बाद यहां और क्या तैयारियां करनी हैं, इसका प्लान बनाया जाएगा। जहां तक देहरादून की बात है तो यहां स्थानीय वाहनों का भी खासा दबाव है। यहां पांच साल में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 90 हजार से 1.30 लाख हो गई है। शहर के लिए ये वाहन भी बड़ी चुनौती है।

एक्सप्रेसवे से दून के कारोबार को भी लगेंगे पंख

देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे दून में उद्योगों और व्यापार की राह को काफी आसान करेगा। उद्यमियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे का निर्माण न केवल समय सीमा कम करेगा बल्कि उद्योग के लिए भी राहत भरा होगा। अब कारोबारियों के लिए एक्सपोर्ट और इम्पोर्ट करना आसान हो जाएगा। विदित हो कि व्यापारियों को अधिकतर कारोबार के लिए दिल्ली की दौड़ लगानी पड़ती है, इसके लिए भी अब उन्हें कम समय लगेगा और व्यापार को भी पंख लगेंगे।

एक्सप्रेसवे के बनने से छह घंटे की जगह अब 2.5 घंटे लगेेंगे। एक्सपोर्ट के लिए उद्यमियों को काफी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। एक्सप्रेसवे बनने से दून का कारोबार रफ्तार लेगा। पहले कारोबारी दिल्ली जाते थे तो उन्हें वहीं रुकना पड़ता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। कम समय लगेगा और कारोबार आगे बढ़ेगा। -पंकज गुप्ता, अध्यक्ष इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड

एक्सप्रेसवे बनने से दून का कारोबार काफी बढ़ेगा। एक्सप्रेसवे व्यापारियों की राह को भी काफी आसान करेगा। दिल्ली से अब पर्यटक बड़ी संख्या में दून आएंगे, इससे कारोबार बढ़ेगा। इसके साथ ही व्यापारियों को भी दून से दिल्ली जाने के लिए काफी राहत मिलेगी। -पंकज मैसोन, अध्यक्ष, दून वैली उद्योग व्यापार मंडल

एक्सप्रेस-वे : शहर पर होगा चौतरफा दबाव, पुलिस ने तैयार किया प्लान

एक्सप्रेस वे खुलने के बाद शहर पर चौतरफा दबाव पड़ सकता है। पुलिस ने इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें विभिन्न इलाकों की चुनौतियों को भी बताया गया है। इन सबसे पार पाने के लिए पुलिस कुछ काम तो अपने स्तर से करेगी। जबकि, बहुत से कामों के लिए दूसरे विभागों से पुलिस ने अपेक्षा की है। इसके लिए शॉर्ट और लांग टर्म प्लान बनाकर विभागों को भेजा गया है।

यहां पड़ेगा प्रभाव

-रिस्पना पुल क्षेत्र::यहां विधानसभा स्थित होने के कारण मार्ग पर वीआईपी का आना जाना लगा रहता है।

-आंतरिक मार्ग: जीएमएस रोड, राजपुर रोड, सहारनपुर रोड, ईसी रोड, हरिद्वार बाईपास रोड और रायपुर रोड आदि पर पीक समय में ट्रैफिक धीमी गति से चल सकता है।

-आईएसबीटी क्षेत्र: बाहरी जिलों से आने वाली बसों, पर्यटक वाहनों व निजी वाहनों की संख्या बढ़ने से चंद्रबनी चौक, ट्रांसपोर्ट नगर चौक और शिमला बाईपास चौक पर जाम लग सकता है।

-घंटाघर क्षेत्र: यहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की अच्छी खासी भीड़ रहती है। ऐसे में यहां लगातार यातायात दबाव बना रह सकता है।

-सहस्रधारा रोड: पर्यटक स्थलों को जाने वाले वाहनों के लिए यह महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में यहां आवासीय क्षेत्रों में भी यातायात दबाव बढ़ जाएगा।

-रायपुर रोड: वीकेंड पर अक्सर वाहन बढ़ जाते हैं। एक्सप्रेसवे खुलने से मार्ग पर जाम लगने की आशंका है।

-मसूरी मार्ग: मसूरी की ओर जाने वाले पर्यअक वाहनों की वृदि्ध से पार्किंग की समस्या होगी। यहां बोटलनेक बन सकता है जिससे आवाजाही में समस्या होगी।


ये हैं चुनौतियां

-जनशक्ति का अभाव

-बाईपास मार्ग का अभाव

-राजधानी होने के कारण जुलूस धरना प्रदर्शन।

-पर्याप्त पार्किंग की कमी

-कई बोटल नेक

-वैकल्पिक मार्गों की कमी

-वीवीआईपी और वीआईपी का आवागमन

-भौगोलिक परिस्थतियां

-प्रमुख संस्थान शहर के बीच स्थित हैं।

-मौसमी पर्यटन का प्रभाव

पुलिस करेगी ये काम

-संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे

-गुगल व मैपल्स के साथ रूट अपडेट होंगे

-ट्रांसपोर्ट नगर, आईएसबीटी व शिमला बाईपास तिराहे पर अतिरिक्त पुलिस बल लगेगा

-विभिन्न हितधारकों के साथ गोष्ठियां होंगी

-चालान की कार्रवाई बढ़ाई जाएगी

-भारी वाहनों की नो एंट्री को सख्ती से पालन कराया जाएगा

-ट्रैफिक कंट्रोल रूम से निगरानी

-वीकेंड पर एडवाइजरी जारी होगी

इन विभागों से की अपेक्षा

सड़क सुरक्षा समिति, जिला प्रशासन, नगर निगम, एमडीडीए, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग और स्मार्ट सिटी

-जीएमएस रोड का चौड़ीकरणण्, शहर में वेंडिंग जोन का निर्धारण, स्ट्रीट लाइट व संकेतक स्थापना, डायवर्जन मार्गों की नियमित मरम्मत, वन विभाग से पेड़ों की लॉपिंग, ई रिक्शा रजिस्ट्रेशन में सख्ती।

लांग टर्म प्लान

-मल्टीलेवल पार्किंग की स्थापना

-जोहड़ी मार्ग का चौड़ीकरण

-एमडीडीए कांप्लेक्स घंटाघर से पलटन बाजार तक ओवर ब्रिज

-दर्शनलाल चौक से घंटाघर तक फुट ओवर ब्रिज या अंडरपास

-मोहकमपुर फ्लाइओवर से धर्मपुर चौक से लेकर आगे सुद्धोवाला तक विभिन्न जगह एलीवेटेड रोड

-आशारोडी से नून नदी होते हुए राजपुर रोड तक एलिवेटेड रोड का निर्माण

-मोथरोवाला रोड पर लिंक मार्गों पर अंडरपास निर्माण

नाम से जुड़ा इतिहास, मां डाट काली मंदिर है खास

उत्तराखंड में प्रवेश करते ही शिवालिक की तलहटी में स्थित मां डाट काली मंदिर देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। पीएम मोदी के प्रस्तावित पूजन कार्यक्रम के चलते इन दिनों मंदिर चर्चाओं में है। मंदिर के इतिहास से लेकर मान्यता तक काफी निराली है। खास बात यह है कि मंदिर का एक हिस्सा उत्तर प्रदेश तो दूसरा उत्तराखंड में आता है। मान्यता है कि जब देहरादून-सहारनपुर राजमार्ग पर अंग्रेज टनल का निर्माण कर रहे थे तो बार-बार बाधा आ रही थी। एक रात निर्माण में लगे इंजीनियर के सपने में मां काली आईं और उनके कहने पर 1804 में पिंडी को स्थापित किया गया। इसके बाद ही मंदिर का नाम मां डाट काली रखा गया। खास है कि मंदिर में नया वाहन लेने पर चुनरी अवश्य बंधवाई जाती है। नया वाहन लेने पर चुनरी बंधवाने पर माता रानी स्वयं भक्त और वाहन की रक्षा करती हैं। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजन कर ही करेंगे।

कॉरिडोर से मंदिर जाने के लिए विशेष निर्माणदेहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान मां डाट काली मंदिर जाने के लिए भी भक्तों की सुविधा का ध्यान रखा गया है। एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार और भक्तों की सुविधा को देखते हुए एलिवेटेड कॉरिडोर से मंदिर जाने के लिए विशेष मार्ग का निर्माण हुआ है। एनएचएआई ने कॉरिडोर से ही मंदिर जाने के लिए वायाडक्ट बनाया। अब सहारनपुर की ओर से आने वाले श्रद्धालु मंदिर जाने के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करेंगे।

अब 14 अप्रैल तक डाट काली मंदिर में दर्शन नहीं कर पाएंगे भक्त

डाट काली मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दर्शन कार्यक्रम के चलते अब 14 अप्रैल तक भक्त माता रानी के दर्शन नहीं कर पाएंगे। रविवार की शाम सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। मंदिर के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि दो दिन तक मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगी है। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के लिए दून आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को मां डाट काली मंदिर में दर्शन-पूजन करेंगे। इसके लिए मंदिर में तैयारी जोर-शोर से चल रही है। रविवार को इसे लेकर मंदिर में बैठक हुई। इसमें महंत रमन प्रसाद गोस्वामी के बेटे शुभम गोस्वामी ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से रविवार की शाम पांच बजे मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। अब भक्त 14 अप्रैल को दोपहर दो बजे के बाद ही मंदिर में माता रानी के दर्शन कर पाएंगे। इस बीच मंदिर में भक्तों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर समिति के सेवादार दिनेश अग्रवाल और सेवादार गौरव कुमार ने बताया कि पहली बार इस तरह मंदिर में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। सुरक्षा के लिहाज से ये फैसला लिया गया है।

यातायात के लिए एक दिन पहले बंद हुआ देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए रविवार से ही देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया। पहले पुलिस की ओर से सोमवार की शाम से रूट डायवर्जन का प्लान किया गया था। पुलिस के अनुसार, गणेशपुर में सड़क मार्ग की मरम्मत के चलते रविवार से ही एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया। अब कोई भी वाहन मोहंड के रास्ते सहारनपुर की ओर नहीं जा सकेगा। 
 

ये रहेगा रुट

दून से सहारनपुर, रुड़की, दिल्ली जाने वाले वाहनों के लिए प्लान:

-शिमला बाईपास तिराहा से नया गांव रोड, धर्मावाला चौक, बेहट होते हुए भेजा जाएगा।

-रिस्पना पुल, जोगीवाला, रायवाला, हरिद्वार होते हुए भी भेजा जाएगा।

-दून से छुटमलपुर, बिहारीगढ जाने वाले वाहनों के लिए प्लान:

-शिमला बाईपास तिराहा, नयागांव रोड, धर्मावाला चौक, शाकंभरी देवी, छुटमलपुर से जाएंगे।

-दिल्ली, सहारनपुर, रुड़की, छुटमलपुर से दून-मसूरी आने वाले वाहन छुटमलपुर, बेहट, धर्मावाला चौक, प्रेमगनगर, ठाकुरपुर हाईवे, प्रेमनगर चौक, बल्लुपूर चौक होते हुए जाएंगे।

रोड शो की तैयारी, सड़कों पर लगी रेलिंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारी अब अंतिम चरणों में है। मां डाट काली मंदिर के दर्शन के बाद प्रधानमंत्री गढ़ी कैंट तक रोड शो करेंगे। इसके लिए मार्ग पर रेलिंग लगनी शुरू हो गई है। साथ ही मार्ग को भव्य रूप से सजाना भी शुरू कर दिया गया है।14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दून में रोड शो करेंगे। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के इस पल को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी चल रही है। रोड शो के लिए रविवार को निर्धारित मार्ग पर तैयारी चली। सड़कों के किनारे रेलिंग लगाई गई तो वहीं मार्ग को सजाने का भी काम शुरू हुआ। साथ ही एलिवेटेड रोड से लेकर गढ़ी कैंट तक पीएम के कार्यक्रम के लिए तैयारी अब अंतिम चरणों में पहुंच चुकी है। मां डाट काली मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्र को भव्य सजा दिया गया है।

आज सीएम योगी करेंगे मां डाट काली मंदिर में दर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम से पहले आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ मां डाट काली मंदिर में व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री माता रानी के दर्शन करेंगे। इससे पहले सीएम एलिवेटेड कॉरिडोर का भी निरीक्षण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ 3:50 बजे एलिवेटेड कॉरिडोर पर पहुचेंगे। यहां से निरीक्षण करते हुए चार बजे मां डाट काली मंदिर पहुचेंगे। माता रानी के दर्शन कर 4:15 बजे वह मंदिर से रवाना होंगे।

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पीएम के दौरे की सुरक्षा चाक-चौबंद : आईजी
उत्तराखंड में प्रस्तावित दौरे को लेकर नरेंद्र मोदी की सुरक्षा के लिए देहरादून को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया गया है। देहरादून में सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक इंतजाम करते हुए हर स्तर पर सतर्कता बढ़ा दी है। गढ़वाल परिक्षेत्र के आईजी राजीव स्वरूप ने तैयारियों की समीक्षा के बाद बताया कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर 360 डिग्री सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। किसी भी तरह की चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। इसके तहत स्थानीय पुलिस के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों की एजेंसियों से भी तालमेल स्थापित किया गया है। आईजी के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था में पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी की भी तैनाती की गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, जबकि खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रधानमंत्री के काफिले के लिए वीवीआईपी रूट को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है। इसके साथ ही आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए गए हैं। शहर में सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है।

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