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उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन तंत्र फेल : ऐरी
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देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने आपदा प्रबंधन पर सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आपदा प्रबंधन तंत्र को लेकर गंभीर नहीं है। मानसून के लिए सरकार ने कोई तैयारी नहीं की है। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उन्होंने कहा, राज्य बनने के 25 वर्षों बाद भी आपदा प्रबंधन तंत्र के लिए कोई खास इंतजाम नहीं हैं। आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा से निपटने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश आमजनता के लिए मुसीबत बन जाती है। वर्तमान प्रदेश सरकार आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील नहीं दिख रही है। एक ही बारिश ने सरकार की तैयारियों और घटिया विकास कार्यों की पोल खोल दी है। नंदा की चौकी में हाल ही में पुनर्निर्मित पुल का एप्रोच धंसना घटिया निर्माण को दर्शाता है। पहाड़ों में सड़कें जगह-जगह बाधित हैं। यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग कई दिनों से बंद हैं। अकेले पिथौरागढ़ जनपद में 10 से अधिक मोटर मार्ग बाधित हैं। पूरे प्रदेश में 100 से अधिक मोटर मार्ग बंद हैं। भू-धंसाव व भूस्खलन से कई गांव और परिवार खतरे की जद में हैं। चारधाम यात्रा व्यवस्था भी सड़क व पैदल मार्ग बाधित होने से प्रभावित हो रही है।
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उन्होंने कहा, राज्य बनने के 25 वर्षों बाद भी आपदा प्रबंधन तंत्र के लिए कोई खास इंतजाम नहीं हैं। आरोप लगाया कि सरकार ने आपदा से निपटने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई। यही वजह है कि थोड़ी सी बारिश आमजनता के लिए मुसीबत बन जाती है। वर्तमान प्रदेश सरकार आपदा से निपटने के लिए संवेदनशील नहीं दिख रही है। एक ही बारिश ने सरकार की तैयारियों और घटिया विकास कार्यों की पोल खोल दी है। नंदा की चौकी में हाल ही में पुनर्निर्मित पुल का एप्रोच धंसना घटिया निर्माण को दर्शाता है। पहाड़ों में सड़कें जगह-जगह बाधित हैं। यात्री जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले मोटर मार्ग कई दिनों से बंद हैं। अकेले पिथौरागढ़ जनपद में 10 से अधिक मोटर मार्ग बाधित हैं। पूरे प्रदेश में 100 से अधिक मोटर मार्ग बंद हैं। भू-धंसाव व भूस्खलन से कई गांव और परिवार खतरे की जद में हैं। चारधाम यात्रा व्यवस्था भी सड़क व पैदल मार्ग बाधित होने से प्रभावित हो रही है।
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