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Dehradun News: कमियां मिलने पर भड़कीं प्राचार्य, सुधार के निर्देश
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दून मेडिकल काॅलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने शनिवार को ब्लड बैंक के कार्याें की समीक्षा की। इस दौरान कमियां मिलने पर वे अधिकारियों पर भड़क गईं। उन्होंने जल्द सुधार करने के निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान जब उन्होंने रिकॉर्ड देखा तो कम रक्तदान होने और आवश्यकता पढ़ने पर मरीजों को रक्त न मिलने की बात सामने आई। उन्होंने इसकी पुनरावृत्ति न करने के कड़े निर्देश दिए। प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक की व्यवस्था संवेदनशील और जीवनरक्षक है इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों और अन्य असहाय रोगियों को मानवीय आधार पर बिना डोनेशन के रक्त उपलब्ध कराया जाए। साथ ही रक्तदाताओं को उनके जरूरत के वक्त किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पंजीकृत रक्तदाता संस्थाओं के सदस्यों और स्टाफ को भी निर्धारित नियमों के अनुसार रक्त उपलब्ध कराया जाए। ब्लड बैंक में पूरे समय सक्रिय रूप से रक्तदान की सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए और अनिवार्य रूप से महीने में कम से कम छह से आठ ब्लड कैंप कराना सुनिश्चित करें।
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समीक्षा के दौरान जब उन्होंने रिकॉर्ड देखा तो कम रक्तदान होने और आवश्यकता पढ़ने पर मरीजों को रक्त न मिलने की बात सामने आई। उन्होंने इसकी पुनरावृत्ति न करने के कड़े निर्देश दिए। प्राचार्या ने स्पष्ट किया कि ब्लड बैंक की व्यवस्था संवेदनशील और जीवनरक्षक है इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित मरीजों और अन्य असहाय रोगियों को मानवीय आधार पर बिना डोनेशन के रक्त उपलब्ध कराया जाए। साथ ही रक्तदाताओं को उनके जरूरत के वक्त किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि पंजीकृत रक्तदाता संस्थाओं के सदस्यों और स्टाफ को भी निर्धारित नियमों के अनुसार रक्त उपलब्ध कराया जाए। ब्लड बैंक में पूरे समय सक्रिय रूप से रक्तदान की सुविधा उपलब्ध रहनी चाहिए और अनिवार्य रूप से महीने में कम से कम छह से आठ ब्लड कैंप कराना सुनिश्चित करें।