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Dehradun News: जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर कई लोगों को बेचा, प्राथमिकी दर्ज
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देहराखास के रहने वाले कमल गुप्ता ने आईजी गढ़वाल को शिकायत देकर आरोप लगाया कि भूमाफियाओं ने फर्जी दस्तावेज से जमीन का सौदा कर उनसे करोड़ों रुपये ठग लिए हैं। आईजी के निर्देश पर रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में इंडियन ओवरसीज पीस फाउंडेशन ट्रस्ट के नाम से जमीन का फर्जी विक्रय पत्र तैयार करने का आरोप है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र निवासी पदम सिंह राणा ने अधिवक्ता नीरज गुप्ता और अन्य लोगों के साथ मिलकर चक डांडा लखौंड क्षेत्र की जमीन के संबंध में कूटरचित (फर्जी) विक्रय पत्र तैयार कराए। आरोप है कि वर्ष 2001 में इंडियन ओवरसीज पीस फाउंडेशन ट्रस्ट, राजपुर रोड देहरादून के नाम से एक फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया गया, जिसे उप-निबंधक कार्यालय में दर्ज दिखाया गया। जबकि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार उस नंबर पर किसी अन्य व्यक्ति का दस्तावेज दर्ज है।
आरोप है कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर पदम सिंह राणा ने जमीन अपने नाम दर्ज कराई और बाद में उसी भूमि को प्लॉटिंग कर अलग-अलग लोगों को बेच दिया। शिकायत में कहा गया है कि चक डांडा लखौंड क्षेत्र की जमीन को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों को विक्रय पत्र और उपहार पत्र के माध्यम से बेचा गया। आरोपियों ने करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए हैं। आरोप यह भी है कि जमीन के दस्तावेजों में सर्किल रेट से काफी कम कीमत दर्शाई गई और अधिकतर लेन-देन नकद में किया गया। पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद-फरोख्त कर लोगों को ठगता है। रायपुर थाना प्रभारी गिरिश नेगी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र निवासी पदम सिंह राणा ने अधिवक्ता नीरज गुप्ता और अन्य लोगों के साथ मिलकर चक डांडा लखौंड क्षेत्र की जमीन के संबंध में कूटरचित (फर्जी) विक्रय पत्र तैयार कराए। आरोप है कि वर्ष 2001 में इंडियन ओवरसीज पीस फाउंडेशन ट्रस्ट, राजपुर रोड देहरादून के नाम से एक फर्जी विक्रय पत्र तैयार किया गया, जिसे उप-निबंधक कार्यालय में दर्ज दिखाया गया। जबकि आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार उस नंबर पर किसी अन्य व्यक्ति का दस्तावेज दर्ज है।
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आरोप है कि इसी फर्जी दस्तावेज के आधार पर पदम सिंह राणा ने जमीन अपने नाम दर्ज कराई और बाद में उसी भूमि को प्लॉटिंग कर अलग-अलग लोगों को बेच दिया। शिकायत में कहा गया है कि चक डांडा लखौंड क्षेत्र की जमीन को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों को विक्रय पत्र और उपहार पत्र के माध्यम से बेचा गया। आरोपियों ने करोड़ों रुपये अवैध रूप से अर्जित किए हैं। आरोप यह भी है कि जमीन के दस्तावेजों में सर्किल रेट से काफी कम कीमत दर्शाई गई और अधिकतर लेन-देन नकद में किया गया। पुलिस को दी शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों और अन्य लोगों के साथ मिलकर एक गिरोह बना रखा है, जो फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की खरीद-फरोख्त कर लोगों को ठगता है। रायपुर थाना प्रभारी गिरिश नेगी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।