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Uttarkashi: सीएम धामी से मिलने से रोकने के बाद पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने की प्रेस वार्ता, उठाए ये मुद्दे

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी Published by: Renu Saklani Updated Fri, 27 Feb 2026 01:57 PM IST
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सार

 पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने बताया कि जनता की समस्याओं को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया।

Former Ghansali MLA Bhim Lal Arya held a press conference after being stopped from meeting CM Dhami Uttarkashi
पूर्व विधायक भीम लाल आर्य - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

सीएम धामी से मिलने से रोकने के बाद पूर्व विधायक भीम लाल आर्य ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक और प्रशासन पर तीखा हमला बोला।कहा कि पिलखी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का शिलान्यास किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता के लंबे जनांदोलन का परिणाम है।

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घनसाली दैविक आपदा प्रभावित क्षेत्र है और यहां वर्षों से उप जिला चिकित्सालय की मांग उठती रही, लेकिन सरकार ने केवल सीएचसी देकर जनता को “झुनझुना” थमा दिया। आर्य ने आरोप लगाया कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण क्षेत्र में चार लोगों की मौत हो चुकी है।
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बेलेश्वर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आज भी मानकों के अनुरूप नहीं है, डॉक्टरों और सुविधाओं का अभाव है, फिर भी सरकार ने दूसरा सीएससी घोषित कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। उनका कहना था कि घनसाली की वास्तविक जरूरत उप जिला चिकित्सालय है, न कि अधूरी सुविधाओं वाले केंद्र।
 

धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई

आर्य ने यह भी कहा कि वह जनता की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया और उनके घर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पूर्व विधायक होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया। आर्य ने आरोप लगाया कि उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की कोशिश की गई। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री, स्थानीय विधायक शक्ति लाल शाह और प्रशासन का “कुचक्र” बताया और कहा कि सरकार व विधायक दहशत में हैं।

पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने घनसाली की जनता को केवल भाषण दिया, लेकिन जमीनी समस्याओं पर कोई ठोस घोषणा नहीं की। उनके अनुसार विधायक ने मुख्यमंत्री से केवल सड़क और रास्तों की मांग की, जबकि स्वास्थ्य, पलायन और जंगली जानवरों के आतंक जैसे गंभीर मुद्दों की अनदेखी की गई। सीमांत गांव गेंवाली में ग्रामीण आमरण अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ रहा।

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आर्य ने सरकार को पहाड़ विरोधी बताते हुए कहा कि पहाड़ टूट सकता है लेकिन झुक नहीं सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले चुनाव में घनसाली की जनता जवाब देगी। साथ ही आरोप लगाया कि प्रदेश से वसूली कर बड़े नेताओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है और ग्रामीणों की आवाज उठाने वालों को रोका जा रहा है।

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