गणेश चतुर्थी के मौके पर अगर आप ये चीजें पूजा में शामिल नहीं करेंगे तो गजानन की पूजा अधूरी रह जाएगी।
गणेश चतुर्थी 2018: पूजन में जरूर शामिल करें ये चीजें, वरना अधूरी रह जाएगी गजानन की आराधना
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आचार्य संतोष खंडूडी के अनुसार 122 वर्षों बाद गणेश चतुर्थी पर इस बार शुभ संयोग बन रहा है। इस बार चतुर्थी तिथि बुधवार 12 सितंबर को शाम 04:08 बजे से शुरू होगी। जोकि 13 सितंबर बृहस्पतिवार दोपहर 02:51 मिनट तक रहेगी। चतुर्थी के बृहस्पतिवार को पड़ने से ये महासंयोग बन रहा है। गणेश चतुर्थी पर पूजन के लिए सुबह 11:10 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक शुभ मुहूर्त है। वहीं इस बार गणेश पूजा में राहू दोष से भी मुक्ति मिलेगी।
पंडित विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि गजानन के पूजन के वक्त कुछ चीजों का अवश्य ध्यान रखना चाहिए। ये चीजें भगवान गणेश को बेहद प्रिय हैं। इनका भोग न लगाने पर पूजा पूरी होना असंभव है।
मोदक भगवान गणेश को अति प्रिय है। इसलिए जब भी भगवान गणेश की पूजा करें उनको मोदक का भोग जरूर लगाएं। उनको सभी फूलों में गेंदे सबसे ज्यादा प्रिय हैं। भगवान गणेश को गेंदे के फूल से बनी माला या गेंदे के फूल अर्पित करें।
भगवान गणेश को दूब घास भी प्रिय है। पूजा के वक्त दूब घास जरूर अर्पित करें। भगवान गणेश को फलों में केला सबसे प्रिय है। पूजा करते वक्त हमेशा केले का जोड़ा चढ़ाएं। भगवान गणेश की पूजा में शंख बजाने का खास महत्व है। अत: जब भी पूजन करें, शंख जरूर बजाएं।