Haridwar: नौ लाख का ड्रोन दो साल से शोपीस, जांच हवा-हवाई, किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए था खरीदा गया
जमालपुर कलां सहकारी समिति में ड्रोन से स्प्रे न होने का मामला सामने आया है। नौ लाख का ड्रोन दो साल से शोपीस बना है। डीएम ने जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां को जांच के आदेश दिए हैं।
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किसानों को आधुनिक कृषि से जोड़ने के लिए नौ लाख रुपये से खरीदे गए ड्रोन के नहीं उड़ने के डीएम मयूर दीक्षित के जांच के आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। ढाई माह में भी ड्रोन प्रकरण की जांच नहीं हो पाई है, जबकि, जांच कर रहे अधिकारी ट्रांसफर होकर रिलीव भी हो चुके हैं।
शासन के निर्देश पर जमालपुर कलां सहकारी समिति की ओर से 31 मार्च 2024 को किसानों के खेतों में खड़ी फसल पर दवा, खाद एवं कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन खरीदा गया था ताकि किसानों की फसलों पर स्प्रे करने में आसानी हो सके। उन्हें स्प्रे करने के लिए मेहनत भी कम करनी पड़े। ड्रोन से फसलों पर स्प्रे करने के लिए समिति के एक कर्मचारी को ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग पर 30 हजार रुपये खर्च हुए। लाखों रुपये खर्च करने के दो साल बाद भी किसी खेत में स्प्रे नहीं किया गया।
इसका खुलासा तब हुआ था जब सीतापुर निवासी गन्ना विकास समिति ज्वालापुर के उपाध्यक्ष विशेष चौहान की ओर से आठ मई को अपनी फसलों पर ड्रोन से स्प्रे कराने के लिए आवेदन किया गया। समिति की ओर से हाथ खड़े कर आवेदन वापस कर दिया गया था।
विशेष चौहान की ओर से 29 मई को डीएम मयूर दीक्षित से शिकायत करने पर जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां मोनिका चुनेरा को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए थे। जिला सहायक निबंधक ने अपर जिला सहकारी अधिकारी केशव प्रसाद को जांच सौंपी थी। उन्होंने समिति में जाकर जांच के लिए दस्तावेज भी हासिल किए थे लेकिन अब तक जांच का कुछ अता-पता नहीं है। केशव प्रसाद हरिद्वार का जनपद से ट्रांसफर भी हो चुका है और रिलीव भी कर दिया गया है। ऐसे में डीएम के समिति में हुए ड्रोन भ्रष्टाचार पर कार्रवाई के आदेश बेअसर साबित हो रहे हैं।
जांच में मिली थी ड्रोन की बैटरी गायब
अपर जिला सहकारी अधिकारी केशव प्रसाद ने जांच के दौरान बातचीत में बताया था कि ड्रोन की बैटरी गायब है, इसलिए ड्रोन को फसलों पर स्प्रे के लिए नहीं उड़ाया जा रहा है। उन्होंने बताया था कि ड्रोन देने वाले कंपनी से बैटरी की जानकारी मांगी गई है लेकिन इसके बाद ड्रोन की जांच ठंडे बस्ते में चली गई। जांच हुई या नहीं यह भी जिला सहायक निबंधक नहीं बता पा रही हैं।
जमालपुर कलां सहकारी समिति बहादराबाद के ड्रोन संबंधी जांच रिपोर्ट आई है या नहीं, अभी मुझे जानकारी नहीं है। - मोनिका चुनेरा, जिला सहायक निबंधक, हरिद्वार
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सहकारी समिति किसानों की संस्था है। किसानों के पैसे से नौ लाख रुपये का ड्रोन खरीद लिया गया लेकिन उसे किसानों के काम में नहीं लिया जा रहा है। पैसे की बर्बादी की गई है। मैंने सूचना के अधिकार अधिनियम में जांच रिपोर्ट मांगी है। जरूरत पड़ने पर मामले की मुख्यमंत्री से भी शिकायत की जाएगी। - विशेष चौहान, शिकायतकर्ता