उत्तराखंड: एलटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए TET अनिवार्य, शिक्षक बोले-एक साल तक चुप्पी साधे रहा विभाग
एलटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है। शिक्षक का कहना है कि मामले में एक साल तक विभाग चुप्पी साधे रहा।
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सहायक अध्यापक एलटी से प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है। राजकीय शिक्षक संघ ने विभाग की ओर से एक साल बाद इस पर स्थिति स्पष्ट किए जाने पर नाराजगी जताई। संगठन का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला एक सितंबर 2025 को आया है। जबकि विभाग की ओर से अब स्थिति स्पष्ट की गई है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रविंद्र राणा व महामंत्री डॉ.अंकित जोशी के मुताबिक सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय में टीईटी की आवश्यकता और पदोन्नति संबंधी अहम निर्देश थे। विभाग के पास इसके अनुपालन को लेकर स्थिति स्पष्ट करने का पर्याप्त समय था। आरोप है कि विभाग अब तक इस मामले में चुप्पी साधे रहा। इस स्थिति को एक वर्ष पहले ही स्पष्ट कर दिया जाता तो शिक्षक को इसकी तैयारी के लिए पूरा समय मिलता। शिक्षक संघ ने कहा, यदि टीईटी आवश्यक थी, तो यू-टीईटी नियमावली में संशोधन प्रक्रिया क्यों नहीं शुरू की गई। ऐसा किए जाने से अब तक कई शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण कर चुके होते।
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ये हैं शिक्षक संघ की प्रमुख मांगें
एलटी से प्रवक्ता पद पर टीईटी की अनिवार्यता के संबंध में विभाग स्पष्ट एवं लिखित आदेश जारी करें। टीईटी की अनिवार्यता का वैधानिक आधार बताया जाए। एक सितंबर 2025 के सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद विभाग की ओर से की गई कार्यवाही सार्वजनिक हो। विभागीय स्तर पर निर्णय न लिए जाने का प्रतिकूल असर सेवारत शिक्षकों की पदोन्नति पर न पड़े। पदोन्नति को लंबित रखने के बजाए प्रकरण का निपटारा कर पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।