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निर्देश : मूल कार्यों के साथ ही जनगणना का काम करें शिक्षक
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- सीईओ हरिद्वार के निर्देशों से शिक्षकों में नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। हरिद्वार और देहरादून जिले में जिन शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें विद्यालय से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इस फैसले से शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है जनगणना जैसे बड़े और जिम्मेदारी भरे काम के साथ विद्यालय में पढ़ाई कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
शिक्षकों का कहना है कि इससे न तो जनगणना का काम सही ढंग से हो पाएगा और न ही छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच पाएगी। कई शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी सेवित क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में दो ड्यूटी एक साथ कैसे कर पाएंगे। शिक्षकों के मुताबिक जनगणना में सबसे पहले मकानों की गणना की जानी है। इसके तहत सभी भवनों या मकानों को एक नंबर दिया जाएगा। उत्तराखंड राज्य में इसकी शुरुआत 25 अप्रैल से की गई है। मकानों की गणना 24 मई तक पूरी किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। कुछ जिलों में अधिकारियों ने इस ड्यूटी में लगे शिक्षकों को उनके विद्यालयों से कार्यमुक्त करने का आदेश किया है। ताकि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को बिना किसी व्यवधान के एक निर्धारित समय में जल्द पूरा किया जा सके। वही, हरिद्वार, देहरादून एवं कुछ अन्य जिलों के शिक्षकों को उनके विद्यालयों से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। इसमें कई ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी जनगणना ड्यूटी उनके विद्यालय के सेवित क्षेत्र से दूर अन्य सेवित क्षेत्र में लगी है। शिक्षकों के मुताबिक यदि वे जनगणना में लापरवाही बरतते हैं या निर्धारित समय के भीतर इस काम को पूरा नहीं करते तो इसमें दंड का प्रावधान है। जिसमें तीन साल की सजा व एक हजार रुपये अर्थदंड शामिल है। वहीं, स्कूलों में पढ़ाई नहीं कराई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्युली के मुताबिक शिक्षकों से एक साथ दो काम लिया जाना ठीक नहीं है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती ने कहा, सीईओ ने क्या आदेश किए हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस बारे में सीईओ बता पाएंगे। हरिद्वार के सीईओ नरेश कुमार हल्दियानी ने कहा, प्रधानाचार्यों को बताया गया है कि जिस दिन शिक्षक जनगणना का काम करेंगे उस दिन स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसी तरह जिस दिन वे विद्यालय में पढ़ाएंगे उस दिन जनगणना नहीं करेंगे।
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ये हैं निर्देश सीईओ हरिद्वार नरेश कुमार हल्दियानी ने सभी बीईओ और उप शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा, जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने के निर्देश को रद्द किया जाता है। निर्देशित किया जाता है कि शिक्षक मूल कार्यों के साथ-साथ जनगणना का काम करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। हरिद्वार और देहरादून जिले में जिन शिक्षकों की जनगणना में ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें विद्यालय से कार्यमुक्त नहीं किया गया है। इस फैसले से शिक्षकों में नाराजगी है। उनका कहना है जनगणना जैसे बड़े और जिम्मेदारी भरे काम के साथ विद्यालय में पढ़ाई कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
शिक्षकों का कहना है कि इससे न तो जनगणना का काम सही ढंग से हो पाएगा और न ही छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच पाएगी। कई शिक्षकों की जनगणना ड्यूटी सेवित क्षेत्र से बाहर है। ऐसे में दो ड्यूटी एक साथ कैसे कर पाएंगे। शिक्षकों के मुताबिक जनगणना में सबसे पहले मकानों की गणना की जानी है। इसके तहत सभी भवनों या मकानों को एक नंबर दिया जाएगा। उत्तराखंड राज्य में इसकी शुरुआत 25 अप्रैल से की गई है। मकानों की गणना 24 मई तक पूरी किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। कुछ जिलों में अधिकारियों ने इस ड्यूटी में लगे शिक्षकों को उनके विद्यालयों से कार्यमुक्त करने का आदेश किया है। ताकि इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को बिना किसी व्यवधान के एक निर्धारित समय में जल्द पूरा किया जा सके। वही, हरिद्वार, देहरादून एवं कुछ अन्य जिलों के शिक्षकों को उनके विद्यालयों से कार्यमुक्त नहीं किया जा रहा है। इसमें कई ऐसे शिक्षक हैं, जिनकी जनगणना ड्यूटी उनके विद्यालय के सेवित क्षेत्र से दूर अन्य सेवित क्षेत्र में लगी है। शिक्षकों के मुताबिक यदि वे जनगणना में लापरवाही बरतते हैं या निर्धारित समय के भीतर इस काम को पूरा नहीं करते तो इसमें दंड का प्रावधान है। जिसमें तीन साल की सजा व एक हजार रुपये अर्थदंड शामिल है। वहीं, स्कूलों में पढ़ाई नहीं कराई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री रमेश पैन्युली के मुताबिक शिक्षकों से एक साथ दो काम लिया जाना ठीक नहीं है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ.मुकुल कुमार सती ने कहा, सीईओ ने क्या आदेश किए हैं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस बारे में सीईओ बता पाएंगे। हरिद्वार के सीईओ नरेश कुमार हल्दियानी ने कहा, प्रधानाचार्यों को बताया गया है कि जिस दिन शिक्षक जनगणना का काम करेंगे उस दिन स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसी तरह जिस दिन वे विद्यालय में पढ़ाएंगे उस दिन जनगणना नहीं करेंगे।
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ये हैं निर्देश सीईओ हरिद्वार नरेश कुमार हल्दियानी ने सभी बीईओ और उप शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में कहा, जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षकों को कार्यमुक्त किए जाने के निर्देश को रद्द किया जाता है। निर्देशित किया जाता है कि शिक्षक मूल कार्यों के साथ-साथ जनगणना का काम करेंगे।

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