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Uttarakhand News: भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण की जांच शुरू, मंत्रालय ने शासन को भेजा था पत्र

Tue, 04 Aug 2026 02:04 PM IST
Renu Saklani विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Renu Saklani Updated Tue, 04 Aug 2026 02:04 PM IST
सार

भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण की जांच को लेकर  कुछ दिन पहले केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का एक पत्र शासन में पहुंचा था।

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Investigation into illegal construction in the Bhagirathi Eco-Sensitive Zone begins Uttarakhand news
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण की जांच शुरू हो गई है। केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के पत्र के बाद यह कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए एसडीएम की अध्यक्षता में एक टीम बनाई गई है।

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भागीरथी इको सेंसेटिव जोन चार हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैला है। इसमें होने वाली गतिविधियों की निगरानी के लिए उच्च-स्तरीय निगरानी समिति और जिला स्तरीय निगरानी व कार्यान्वयन समिति मौजूद हैं। कुछ दिन पहले केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव का एक पत्र शासन में पहुंचा था।

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पत्र में भागीरथी इको सेंसेटिव जोन में अवैध निर्माण का उल्लेख किया गया था। पत्र मिलने के बाद शासन ने मामले की जांच कराने का निर्णय लिया। अब अवैध निर्माण को लेकर जांच शुरू की गई है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या ने बताया कि मामले में जांच कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि एसडीएम को इस मामले की जांच सौंपी गई है।

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सीया के सदस्यों के लिए भेजे गए नाम पर उठे सवाल

राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (सीया) गठन के लिए राज्य से करीब चार महीने पहले पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को नाम भेजे गए थे। उन पर भी सवाल उठा है। सूत्रों के अनुसार मामले में मंत्रालय को शिकायत भेजी गई है। मंत्रालय ने राज्य से संबंधित मामले को लेकर पूछा था। इसके बाद संबंधित शिकायत की जांच कराने का फैसला किया गया है।



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ज्ञात हो सीया का कार्यकाल अक्तूबर-2025 को खत्म हो गया था। सीया के माध्यम से राज्य में बी श्रेणी के प्रोजेक्ट (ए श्रेणी के प्रोजेक्ट अनुमति के लिए मंत्रालय के पास जाते हैं) से जुड़ी पर्यावरणीय अनुमति देने की व्यवस्था है। सीया में बी श्रेणी के तहत 50 हेक्टेयर से कम खनन की अनुमति, डेढ़ लाख स्क्वायर मीटर से छोटी टाउनशिप प्रोजेक्ट, ऑरेंज और ग्रीन श्रेणी के उद्योग की स्थापना की अनुमति के प्रस्ताव आते हैं।

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