{"_id":"6a7e2d770ba779b11104ceae","slug":"irregularities-found-during-inspection-of-beo-office-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1089-1042005-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: बीईओ कार्यालय के निरीक्षण में मिलीं खामियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: बीईओ कार्यालय के निरीक्षण में मिलीं खामियां
Fri, 14 Aug 2026 02:17 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्य शिक्षा अधिकारी (सीईओ) गोविंद जायसवाल ने बृहस्पतिवार को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न पत्रावलियों और विभागीय व्यवस्थाओं में कई खामियां मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई।सीईओ ने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए 30 अगस्त तक हर हाल में सभी कमियां दूर करने के सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की सेवा पुस्तिका, जीपीएस रिकॉर्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की गई, जिनमें त्रुटियां उजागर हुईं। सीईओ ने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में ई-ऑफिस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जाए। उन्होंने शिक्षकों व कर्मचारियों के लंबित पेंशन मामलों का त्वरित निस्तारण करने, विकासखंड स्तर पर सभी की पहचान संख्या बनाने और दैनिक उपस्थिति का नियमित रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा, फाइलों का उचित रखरखाव करने और स्कूली बच्चों को किताबें, कॉपियां, जूते व साइकिल का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने को भी कहा गया।गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने की मांग : निरीक्षण के दौरान सीईओ ने स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) से जुड़े करीब 20 अभिभावकों के साथ बैठक भी की। इसमें भीमावाला, बरोटीवाला और हरबर्टपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों से आए अभिभावकों ने शिकायत की कि शिक्षकों की ड्यूटी बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के रूप में लगाए जाने से स्कूलों में शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पढ़ाई न होने से स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति भी घट रही है। अभिभावकों ने शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग की।
विज्ञापन