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Dehradun News: सुरेऊ गांव में दिनदहाड़े बकरे को गुलदार ने बनाया निवाला, दहशत
Wed, 19 Aug 2026 02:17 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Wed, 19 Aug 2026 02:17 AM IST
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क्षेत्र के सुरेऊ गांव में गुलदार ने दिनदहाड़े हमला कर एक बकरे को अपना शिकार बना लिया। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। सूचना पर वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है और पशुपालकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।
सुरेऊ गांव निवासी स्वरूप सिंह रोजमर्रा की तरह अपनी बकरियों को गांव से सटे जंगल के किनारे चराने ले गए थे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे एक गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा और एक बकरे को मार डाला। पीड़ित ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। घटना के बाद से गांव में खौफ का साया है।
साहिया से लगे अलसी, सकनी, ककाड़ी भंजरा और देऊ समेत कई गांवों में लंबे समय से गुलदार का आतंक है। मौका मिलते ही वह मवेशियों पर हमला कर रहा है। स्थानीय पशुपालक स्वरूप सिंह चौहान, चतर सिंह, गुलाब सिंह, सोहन शर्मा, वीरेंद्र सिंह और ज्ञान सिंह ने बताया कि इलाके में कई गुलदार शावकों के साथ देखे जा रहे हैं। रातभर उनकी गुर्राहट सुनाई देती है। ग्रामीणों में रोष है कि बार-बार शिकायत के बावजूद वन विभाग गुलदार को पकड़ने या खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
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एक साल में तीन दर्जन से अधिक मवेशियों का शिकार
गुलदार का यह आतंक नया नहीं है। पिछले करीब एक साल के भीतर ही वह कुरोली में दो, नेवी में पांच, उदपाल्टा में चार, अलसी में 15, पंजिया में पांच और कनबुआ गांव में तीन बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। इसके अलावा दो खच्चर, दो दुधारू गाय और पांच बैलों को भी वह निवाला बना चुका है। लगातार हो रहे नुकसान से पशुपालक भारी परेशानी में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील है कि वे मवेशियों को जंगल की ओर न ले जाएं, उन्हें खुले मैदानों में ही चराएं और विशेष सावधानी बरतें। - विजय सिंह नेगी, प्रभारी अधिकारी, वन रेंज।
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सुरेऊ गांव निवासी स्वरूप सिंह रोजमर्रा की तरह अपनी बकरियों को गांव से सटे जंगल के किनारे चराने ले गए थे। इसी दौरान वहां पहले से घात लगाए बैठे एक गुलदार ने अचानक झपट्टा मारा और एक बकरे को मार डाला। पीड़ित ने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। घटना के बाद से गांव में खौफ का साया है।
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साहिया से लगे अलसी, सकनी, ककाड़ी भंजरा और देऊ समेत कई गांवों में लंबे समय से गुलदार का आतंक है। मौका मिलते ही वह मवेशियों पर हमला कर रहा है। स्थानीय पशुपालक स्वरूप सिंह चौहान, चतर सिंह, गुलाब सिंह, सोहन शर्मा, वीरेंद्र सिंह और ज्ञान सिंह ने बताया कि इलाके में कई गुलदार शावकों के साथ देखे जा रहे हैं। रातभर उनकी गुर्राहट सुनाई देती है। ग्रामीणों में रोष है कि बार-बार शिकायत के बावजूद वन विभाग गुलदार को पकड़ने या खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
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एक साल में तीन दर्जन से अधिक मवेशियों का शिकार
गुलदार का यह आतंक नया नहीं है। पिछले करीब एक साल के भीतर ही वह कुरोली में दो, नेवी में पांच, उदपाल्टा में चार, अलसी में 15, पंजिया में पांच और कनबुआ गांव में तीन बकरियों को अपना शिकार बना चुका है। इसके अलावा दो खच्चर, दो दुधारू गाय और पांच बैलों को भी वह निवाला बना चुका है। लगातार हो रहे नुकसान से पशुपालक भारी परेशानी में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील है कि वे मवेशियों को जंगल की ओर न ले जाएं, उन्हें खुले मैदानों में ही चराएं और विशेष सावधानी बरतें। - विजय सिंह नेगी, प्रभारी अधिकारी, वन रेंज।