Vikasnagar: खोदाई में थर्राया मकान, अब दीवारों में दरारें, परिवार में दहशत, गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग
दिनकर विहार में सीवर-पेयजल लाइन की खोदाई के बीच मकान में बड़ी दरारें आ गई।इससे परिवार के लोगों में दहशत है।
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नगरपालिका क्षेत्र के दिनकर विहार में सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के लिए की जा रही सड़क खोदाई के बीच एक मकान के बरामदे और दो कमरों में अचानक दरारें पड़ने का मामला सामने आया है। मकान मालकिन ने भारी ड्रिलिंग मशीन से की गई खोदाई को इसकी वजह बताते हुए परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। कांग्रेस ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाकर जांच की मांग की है।
मंगलवार को दिनकर विहार में सीवर और पेयजल लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदाई के कारण मकान में दरारें आने की सूचना पर संवाद न्यूज एजेंसी की टीम मौके पर पहुंची। मकान के बरामदे और भीतर के दो कमरों की दोनों ओर की दीवारों में दरारें दिखाई दीं। इनमें दो दरारें अपेक्षाकृत बड़ी थीं, जिससे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।
पेयजल निर्माण योजना शुरू से सवालों के घेरे में रही
मकान मालकिन ज्योति गौड़ का आरोप है कि सड़क की कई बार खोदाई की गई और इसके लिए पहाड़ों की खुदाई में इस्तेमाल होने वाली भारी ड्रिलिंग मशीन चलाई गई। उन्होंने बताया कि मशीन चलते समय पूरा मकान थरथराने लगता था। पंखे और घर का सामान तक हिलने लगता था।
उनका आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में कार्य कर रहे ठेकेदारों से शिकायत की तो मजाक में कहा गया कि दीवारों और पंखों को पकड़कर बैठ जाओ। उन्होंने कहा कि खोदाई के बाद ही मकान की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगीं, जिससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
कांग्रेस के शहर अध्यक्ष विकास शर्मा ने आरोप लगाया कि 533 करोड़ रुपये की सीवर और पेयजल निर्माण योजना शुरू से सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने कहा कि दिनकर विहार में करीब एक वर्ष से बार-बार सड़क खोदी जा रही है। बरसात में सड़क पर कीचड़ जमा होने से लोगों को घरों से निकलने में परेशानी उठानी पड़ी थी। उन्होने कार्यदायी संस्था पर अप्रशिक्षित कर्मचारियों से अनियोजित तरीके से काम कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब सड़कें धंसने लगी हैं और पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। संवाद
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मामला संज्ञान में नहीं है। टीम को मकान के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। निरीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अमित सैनी, परियोजना प्रबंधक, यूयूएसडीए