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डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग: दंपती ने महिला डॉक्टर के नाम पर ले लिया 15.82 लाख का लोन, पिता से भी की ठगी

Thu, 09 Jul 2026 03:25 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Thu, 09 Jul 2026 03:25 PM IST
सार

डॉ. मानसी के तलाक की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान उनसे कुठाल गेट के रहने वाले हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी श्रुति तिवारी ने जान पहचान की थी। उन्होंने डॉ. मानसी को अपनी फार्मा कंपनी एस्टिव फार्मा में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद पूरा खेल शुरू हुआ।

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Misuse of digital signature Couple took out a loan of 15.82 lakh in female doctor name
फ्रॉड। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

सेवक आश्रम रोड निवासी डॉ. मानसी वैश्य के डिजिटल सिग्नेचर का दुरुपयोग कर उनके नाम पर 15.82 लाख रुपये लोन लिया गया। लोन लेने का आरोप एक फार्मा कंपनी के डायरेक्टर दंपती पर है। आरोप यह भी है कि उन्होंने डॉ. मानसी के पिता से भी निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये ठग लिए। मामले में डालनवाला थाने में आरोपी दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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एसएचओ डालनवाला नरेंद्र गहलावत ने बताया कि वर्ष 2019 से 2021 के बीच डॉ. मानसी के तलाक की प्रक्रिया चल रही थी। इस दौरान उनसे कुठाल गेट के रहने वाले हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी श्रुति तिवारी ने जान पहचान की थी। यह दंपती उनसे लगाव रखने लगा। उन्होंने डॉ. मानसी को अपनी फार्मा कंपनी एस्टिव फार्मा में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में शामिल होने का प्रस्ताव दिया। इसके लिए उन्होंने एक विशेष नंबर बनाने के लिए डॉ. मानसी के डिजिटल हस्ताक्षर भी बना लिए। अक्तूबर 2023 में डॉ. मानसी को कंपनी में डायरेक्टर बना लिया गया। जबकि, मानसी इससे सहमत नहीं थीं। उन्होंने विरोध किया और डिजिटल हस्ताक्षर वापस मांगे।
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करीब नौ महीने बाद जून 2024 में उनका नाम हटा दिया गया। इसके बाद अप्रैल 2026 में डॉ. मानसी को एक पत्र मिला जिसमें पता चला कि हिमांशु शेखर ने आईआईएफएल कंपनी से 27 जनवरी 2024 को उनके नाम से 15.82 लाख रुपये का बिजनेस लोन लिया है। डॉ. मानसी का कहना है कि इसके लिए उन्हें कोई न तो जानकारी दी गई और न ही किसी अधिकारी ने उनसे संपर्क किया।

किसी भी प्रक्रिया में उनसे कोई ओटीपी आदि भी नहीं लिया गया। डॉ. मानसी का आरोप यह भी है कि हिमांशु शेखर और उसकी पत्नी ने 17 मार्च 2023 को उनके पिता डॉ. विपिन वैश्य से भी फार्मा कंपनी में निवेश के नाम पर 40 लाख रुपये की मोटी रकम ली थी। यह आज तक उन्हें वापस नहीं की गई। एसएचओ ने बताया कि दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

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