चकराता। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को विकास खंड सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं व स्थानीय उद्यमियों को योजना की विभिन्न सुविधाओं और लाभ की जानकारी दी गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए इनक्यूबेशन मैनेजर विपिन रतूड़ी ने बताया मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों एवं एकल महिला उद्यमियों को व्यापार पंजीकरण, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार स्थापना, मार्केटिंग, लेबलिंग तथा पैकेजिंग जैसी सेवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उद्यमिता की सोच विकसित करने और स्थानीय संसाधनों पर आधारित व्यवसायों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही बताया गया कि आगामी दिनों में त्यूणी, क्वांसी, मिंडाल, लाखामंडल एवं अटाल क्षेत्रों में बूट कैंप आयोजित करके उद्यमियों को हैंड होल्डिंग सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट ने की। इस अवसर पर कनिष्ठ उपप्रमुख सुलोचना रावत, ब्लॉक मिशन मैनेजर डॉ. पूजा गौड़ आदि उपस्थित रहे।