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हादसा ऐसे निगल गया 8 जिंदगियां, मलबे से खोदकर निकालने पड़े शव, मच गई चीख पुकार, तस्वीरें...

Sat, 22 Dec 2018 11:31 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 22 Dec 2018 11:31 AM IST
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Scary photos of  Rock collapse on rudraprayag highway 7 labour Buried
हादसे में दबे मजदूर

दर्दनाक हादसे का खौफनाक मंजर जिसने भी देखा सदमे में आ गया। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी ऑल वेदर रोड परियोजना के निर्माण में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी की जा रही है। जिसके चलते शुक्रवार को सात मजदूर मलबा गिरने से जिंदा दफन हो गए। वहीं एक मजदूर का शव शनिवार को मलबे से मिला। 76 किमी रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर एक हजार मजदूर कार्य कर रहे हैं, जिनके पास सुरक्षा के नाम पर एक हेलमेट तक उपलब्ध नहीं हैं। प्रशासन ने परियोजना निर्माण में बरती जा रही इस लापरवाही पर एनएच और कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। 

Scary photos of  Rock collapse on rudraprayag highway 7 labour Buried
मलबे में दबे मजदूर

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे का निर्माण कार्य आरजीबी बिल्बेल द्वारा किया जा रहा है। कंपनी के ठेकेदार द्वारा राजमार्ग के चौड़ीकरण, पुश्ता निर्माण, सुरक्षा दीवार, नाली निर्माण आदि कार्यों को कई स्थानीय ठेकेदारों को बांटा गया है, लेकिन किसी ने भी मजदूरों को सुरक्षा के उपकरण मुहैया नहीं कराए हैं। चट्टान की कटिंग सहित भूस्खलन जोन में पुश्ता निर्माण के कार्य में भी भारी अनियमितता बरती जा रही है। । 

Scary photos of  Rock collapse on rudraprayag highway 7 labour Buried
मलबे में दबे मजदूर

जिस स्थान पर हादसा हुआ है, वह पूरा क्षेत्र पहले से भूस्खलन प्रभावित जोन हैं। बावजूद यहां पर निर्माण कार्य में तकनीकी व नियमों की खुलेआम अनेदखी की गई है। हैरत की बात यह है कि पूरे निर्माण कार्य में एजेंसी व ठेकेदार का कोई जिम्मेदार या तकनीकी को जानने वाला व्यक्ति मौजूद नहीं हैं।

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Scary photos of  Rock collapse on rudraprayag highway 7 labour Buried
मलबे में दबे मजदूर

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऑल वेदर रोड निर्माण में कार्यदायी संस्था द्वारा मानकों की अनदेखी की जा रही है। डीएम से शिकायत के बाद भी कंपनी द्वारा कार्यों में सुधार नहीं किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग से कुंड तक भटवाड़ीसैंण, रामपुर, गंगतल महादेव, तिलवाड़ा लीसा फैक्ट्री, सिल्ली, विजयनगर, बांसवाड़ा और कुंड अति संवेदनशील जोन हैं, लेकिन यहां पर निर्माण कार्य में कोई सुरक्षा नहीं बरती जा रही है।

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मलबे में दबे मजदूर

इधर, एनएच के अधिशासी अभियंता जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हाईवे के निर्माण में 1000 से अधिक मजदूर कार्य कर रहे हैं, जो जम्मू-कश्मीर, झारखंड, उड़ीसा और अन्य राज्यों से हैं। इन मजदूरों की सुरक्षा को लेकर कार्यदायी संस्था और ठेकदारों को पूर्व में निर्देश दिए गए थे। 

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