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Dehradun News: विज्ञान सेतु बनेगा वैज्ञानिक विषयों के प्रसार का बड़ा माध्यम
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-यूकॉस्ट में पृथ्वी दिवस का आयोजन, वैज्ञानिकों ने सामने रखे खास पहलू
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में बुधवार को हमारी शक्ति, हमारा ग्रह थीम पर पृथ्वी दिवस मनाया गया। इसके तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद यूकॉस्ट की वैज्ञानिक गतिविधियों, शोध उपलब्धियों एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है। जन-जागरूकता ही विज्ञान की वास्तविक सार्थकता है। उन्होंने देहरादून में प्रस्तावित साइंस सिटी एवं प्रत्येक जिले में स्थापित किए जाने वाले विज्ञान केंद्रों की जानकारी साझा की। विज्ञान संचार अनुभाग के तहत संचालित विज्ञान सेतु की प्रमुख गतिविधियों जैसे विज्ञान वाणी, विज्ञान रेडियो, विज्ञान दृश्यम एवं विज्ञान धारा की जानकारी भी दी गई। यूपीईएस के डॉ. भालचंद्र शिंगन ने भारत के लिए सतत ऊर्जा : सभी ऊर्जा स्रोतों का समन्वित दृष्टिकोण विषय पर विस्तृत चर्चा की। इसमें सौर, पवन ऊर्जा, प्राकृतिक गैस और सरकारी नीतियां शामिल थीं। वित्त नियंत्रक डॉ. तंजीम अली ने ग्रीन बजट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव आर्थिक एवं सामाजिक जीवन दोनों पर पड़ता है।
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देहरादून। उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) में बुधवार को हमारी शक्ति, हमारा ग्रह थीम पर पृथ्वी दिवस मनाया गया। इसके तहत विभिन्न शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और शिक्षकों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद यूकॉस्ट की वैज्ञानिक गतिविधियों, शोध उपलब्धियों एवं नवाचारों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर तक पहुंचाना है। जन-जागरूकता ही विज्ञान की वास्तविक सार्थकता है। उन्होंने देहरादून में प्रस्तावित साइंस सिटी एवं प्रत्येक जिले में स्थापित किए जाने वाले विज्ञान केंद्रों की जानकारी साझा की। विज्ञान संचार अनुभाग के तहत संचालित विज्ञान सेतु की प्रमुख गतिविधियों जैसे विज्ञान वाणी, विज्ञान रेडियो, विज्ञान दृश्यम एवं विज्ञान धारा की जानकारी भी दी गई। यूपीईएस के डॉ. भालचंद्र शिंगन ने भारत के लिए सतत ऊर्जा : सभी ऊर्जा स्रोतों का समन्वित दृष्टिकोण विषय पर विस्तृत चर्चा की। इसमें सौर, पवन ऊर्जा, प्राकृतिक गैस और सरकारी नीतियां शामिल थीं। वित्त नियंत्रक डॉ. तंजीम अली ने ग्रीन बजट और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव आर्थिक एवं सामाजिक जीवन दोनों पर पड़ता है।
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