{"_id":"69673668e44a1302a20046d5","slug":"solar-plant-in-bhararisain-will-provide-legislative-assembly-with-cheaper-electricity-uttarakhand-news-2026-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: भराड़ीसैंण में सोलर प्लांट से विधानसभा को मिलेगी सस्ती बिजली, विस अध्यक्ष ने किया वर्चुअल शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: भराड़ीसैंण में सोलर प्लांट से विधानसभा को मिलेगी सस्ती बिजली, विस अध्यक्ष ने किया वर्चुअल शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:58 AM IST
विज्ञापन
सार
सोलर प्लांट से औसतन छह रुपये प्रति यूनिट की दर से भराड़ीसैंण विधानसभा को बिजली मिलेगी। इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ विद्युत ग्रिड पर दबाव भी कम होगा
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में सोलर प्लांट से विधानसभा को सस्ती बिजली मिलेगी। विधानसभा परिसर में 54.10 लाख रुपये की लागत से बने 100 केवीए सोलर प्लांट का मंगलवार को विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने वर्चुअल शुभारंभ किया।
Trending Videos
विस अध्यक्ष ने कहा, उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेड़ा) के माध्यम से विधानसभा परिसर में नेट मीटरिंग आधारित सोलर पावर प्लांट की आपूर्ति एवं स्थापना का कार्य किया गया है। इस संयंत्र से प्रतिमाह लगभग 12 हजार यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ विद्युत ग्रिड पर दबाव भी कम होगा। सोलर प्लांट से औसतन छह रुपये प्रति यूनिट की दर से विधानसभा को बिजली मिलेगी। इस हिसाब से विधानसभा को प्रतिमाह लगभग 72 हजार व सालाना 8.64 लाख की बचत होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विस अध्यक्ष ने कहा, भराड़ीसैंण उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी के साथ राज्य की लोकतांत्रिक चेतना व पहाड़ की आत्मा का प्रतीक है। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद से ही वे भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रही हैं।
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: गंगा बेसिन के सर्वे में मिले 3037 घड़ियाल, चंबल में सबसे अधिक, 22 नदियों में हुआ सर्वे
उनके कार्यकाल में इस परिसर में उत्तराखंड विधानसभा का डिजिटाइजेशन, महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था, मीडिया हॉस्टल का निर्माण, अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान का संचालन व विधानसभा परिसर को आम जनमानस के लिए खोलने जैसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए गए हैं।