{"_id":"6a6c33368c46f005a401c22d","slug":"sonprayag-gaurikund-highway-is-closed-again-due-to-landslides-rudraprayag-uttarakhand-weather-news-updates-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarakhand: भूस्खलन से सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे फिर बंद, दो स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarakhand: भूस्खलन से सोनप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे फिर बंद, दो स्थानों पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात ठप
Fri, 31 Jul 2026 11:23 AM IST
Renu Saklani
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: Renu Saklani
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:23 AM IST
सार
सोनप्रयाग गौरीकुंड के मुनकटिया के पास भूस्खलन व बोल्डर आने से सड़क अवरुद्ध हो गई। वहीं सोनप्रयाग से आगे घाटी की ओर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने और सड़क का हिस्सा नीचे से कट जाने के कारण सावधानी के साथ यातायात संचालित किया जा रहा है।
विज्ञापन
नदियां उफान पर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रुद्रप्रयाग में लगातार बारिश के बीच शुक्रवार सुबह सोनप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर दो स्थानों पर भूस्खलन और बोल्डर आने से मार्ग बंद हो गया है। इससे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित है। वहीं एक अन्य क्षतिग्रस्त स्थल पर सावधानी के साथ यातायात संचालित कराया जा रहा है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय राजमार्ग के सोनप्रयाग गौरीकुंड के मुनकटिया के पास भूस्खलन व बोल्डर आने से सड़क अवरुद्ध हो गई है। वहीं सोनप्रयाग से आगे घाटी की ओर सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होने और सड़क का हिस्सा नीचे से कट जाने के कारण सावधानी के साथ यातायात संचालित किया जा रहा है। एनएच के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडे ने बताया कि सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग पर भूस्खलन प्रभावित स्थानों से मलबा हटाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन
खतरे के निशान से ऊपर बह रही अलकनंदा और मंदाकिनी
रुद्रप्रयाग जिले में लगातार जारी बारिश के चलते अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शुक्रवार सुबह अलकनंदा का जलस्तर 627.50 मीटर दर्ज किया गया, जबकि इसका खतरे का निशान 627.00 मीटर है। वहीं मंदाकिनी का जलस्तर 626.50 मीटर पहुंच गया है, जबकि इसका खतरे का निशान 626.00 मीटर निर्धारित है।
विज्ञापन
ये भी पढे़ं...Uttarakhand: विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू, बिहार से पहुंचीं ईवीएम, अगले महीने अधिकारियों का प्रशिक्षण
नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। आपदा प्रबंधन, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को लगातार नदी तटों से दूर रहने और अनावश्यक रूप से नदी के समीप नहीं जाने की अपील की जा रही है।