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STF ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य पकड़े: नौकरी के नाम पर खुलवाते थे खाते, करते थे OLX फ्रॉड से साइबर ठगी

Fri, 24 Jul 2026 04:57 PM IST
Alka Tyagi माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Fri, 24 Jul 2026 04:57 PM IST
सार

गिरोह का एक अन्य सदस्य ओएलएक्स पर फर्जी सौदों के जरिए ठगी करता था, जबकि गिरफ्तार आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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STF Arrested two members of an interstate gang They used to get bank accounts opened under pretext of job
arrest - फोटो : arrest

विस्तार

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी नौकरी और आसान लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल ओएलएस फ्रॉड समेत विभिन्न साइबर अपराधों में करते थे।

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एसटीएफ की फाइनेंशियल फ्रॉड यूनिट ने I4C के एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस और डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर इंडसइंड बैंक के एक संदिग्ध खाते की निगरानी की। जांच में पता चला कि खाते का उपयोग कई साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में किया जा रहा है। इसके बाद आशारोड़ी चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर राजस्थान नंबर की स्कॉर्पियो से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर निजी कंपनियों में नौकरी और आसान लोन दिलाने के आकर्षक विज्ञापन चलाते थे। व्हाट्सएप के जरिए संपर्क कर लोगों के नाम पर ऑनलाइन बैंक खाते खुलवाए जाते थे, लेकिन मोबाइल नंबर, इंटरनेट बैंकिंग और खाते का पूरा नियंत्रण खुद अपने पास रखते थे। डाक से बैंक किट और एटीएम कार्ड मिलने के बाद इन खातों का इस्तेमाल ओएलएक्स पर फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर लोगों से ठगी करने और अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था।
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गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान के डींग निवासी राहुल मोहम्मद और गोरखपुर निवासी (हाल निवासी लखनऊ) शिवांश उपाध्याय के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से चार मोबाइल फोन, इंडसइंड बैंक की पांच बैंक किट (एटीएम कार्ड और चेकबुक सहित), एक आधार कार्ड, 15 हजार रुपये नकद तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

एसटीएफ ने साइबर क्राइम थाना देहरादून में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य ओएलएक्स पर फर्जी सौदों के जरिए ठगी करता था, जबकि गिरफ्तार आरोपी बैंक खाते उपलब्ध कराने और ठगी की रकम निकालने का काम करते थे। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

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