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Tehri: बूढ़ाकेदार नाथ धाम को मिले नए रावल, विधिवत दीक्षा-पूजा के बाद योगी रविंद्र नाथ गद्दी पर हुए विराजमान
Thu, 13 Aug 2026 05:31 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Thu, 13 Aug 2026 05:31 PM IST
सार
26 मई को पूर्व रावल योगी अमरनाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद 13 अगस्त को योगी रविंद्र नाथ को नए रावल के रूप में नियुक्त किया गया।
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नवनियुक्त रावल योगी रविंद्र नाथ
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
बूढ़ाकेदार नाथ धाम के नवनियुक्त रावल योगी रविंद्र नाथ गुरुवार को विधिवत दीक्षा, पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद रावल की गद्दी पर विराजमान हुए। उनके बूढ़ाकेदार पहुंचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पुष्प अर्पित कर भव्य स्वागत किया।
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बताते दें कि कि 26 मई को पूर्व रावल योगी अमरनाथ के ब्रह्मलीन होने के बाद 13 अगस्त को योगी रविंद्र नाथ को नए रावल के रूप में नियुक्त किया गया। रावल बनने की परंपरा में गुरु गोरखनाथ के संतों द्वारा विशेष साधना एवं दीक्षा कराई जाती है। इस प्रक्रिया में करीब 21 दिनों तक साधक को सिद्धि दिलाई जाती है और उसे पूरी तरह एकांत में रहकर साधना करनी होती है। इस दौरान वह परिवार और अन्य लोगों से भी अलग रहता है।
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योगी रविंद्र नाथ की उम्र करीब 35 वर्ष है। वे स्वर्गीय वीरेंद्र नाथ के पुत्र हैं। रावल बनने से पहले वह सिंगापुर के एक होटल में कार्यरत थे। धार्मिक परंपरा के अनुसार रावल बनने की प्रक्रिया अचानक और बाबा बूढ़ाकेदार की कृपा से पूरी होती है।
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मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि यह जिसे रावल बनना होता है, उसे भी पहले से इसकी जानकारी नहीं होती, लेकिन करीब 21 दिन पहले परिस्थितियां अचानक बदलती हैं और पूरी प्रक्रिया शुरू हो जाती है।
नवनियुक्त रावल योगी रविंद्र नाथ के गद्दी पर विराजमान होने के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला।