{"_id":"69e780e0a1c3c8621e0bc04a","slug":"the-chief-secretary-sought-information-regarding-the-condition-of-walnut-saplings-and-fruit-production-dehradun-news-c-5-hld1006-951818-2026-04-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: मुख्य सचिव ने अखरोट पौधों की स्थिति, फल उत्पादन की जानकारी मांगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: मुख्य सचिव ने अखरोट पौधों की स्थिति, फल उत्पादन की जानकारी मांगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन समिति की उच्चाधिकार समिति की बैठक में दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में लगाए गए अखरोट के पौधों की वर्तमान स्थिति और इन पौधों पर होने वाले फल उत्पादन की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
उन्होंने उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन समिति की उच्चाधिकार समिति की बैठक में उक्त जानकारी मांगी। सीएस बर्द्धन ने कहा कि कि इस योजना के मूल्यांकन से भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी। उन्होंने जापान के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन से मृदा अपरदन नियंत्रण कार्यों का उल्लेख किया।
कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के साथ जापान की तकनीक के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया जाए, इससे उत्तराखंड में भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य में सहायता मिल सकती है। उन्होंने पिरुल की तर्ज पर लैंटाना पर भी कार्य किए जाने की आवश्यकता बताई। बैठक में सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, धीराज गर्ब्याल, सी रविशंकर और पीसीसीएफ कपिल लाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य में लगाए गए अखरोट के पौधों की वर्तमान स्थिति और इन पौधों पर होने वाले फल उत्पादन की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
उन्होंने उत्तराखंड वन संसाधन प्रबंधन समिति की उच्चाधिकार समिति की बैठक में उक्त जानकारी मांगी। सीएस बर्द्धन ने कहा कि कि इस योजना के मूल्यांकन से भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा सकेगी। उन्होंने जापान के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन से मृदा अपरदन नियंत्रण कार्यों का उल्लेख किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग के साथ जापान की तकनीक के महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया जाए, इससे उत्तराखंड में भूस्खलन न्यूनीकरण कार्य में सहायता मिल सकती है। उन्होंने पिरुल की तर्ज पर लैंटाना पर भी कार्य किए जाने की आवश्यकता बताई। बैठक में सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, धीराज गर्ब्याल, सी रविशंकर और पीसीसीएफ कपिल लाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इन अधिकारियों ने बैठक में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

कमेंट
कमेंट X