Uttarakhand News: बिजली की किल्लत बढ़ी, गांव-छोटे कस्बों में बिजली कटौती शुरू, मांग 4.4 करोड़ यूनिट पार
गर्मी में बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट पार हो गई, जबकि उपलब्धता 4.3 करोड़ यूनिट है। गांवों में डेढ़, छोटे कस्बों में एक और स्टील इंडस्ट्री में तीन घंटे तक कटौती की जा रही है।
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प्रदेश में गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की किल्लत भी बढ़ने लगी है। मांग के सापेक्ष यूपीसीएल को कम उपलब्धता के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे कस्बों के अलावा स्टील फर्नेश इंडस्ट्री में भी कटौती करनी पड़ रही है। रविवार के बाद सोमवार को भी कई क्षेत्रों में कटौती की गई।
इस माह में पहली बार बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है। एक अप्रैल को मांग 4.1 करोड़ यूनिट थी जो कि 15 अप्रैल को बढ़कर 4.3 करोड़ पर पहुंच गई। सोमवार को बिजली की मांग 4.4 करोड़ यूनिट पार कर चुकी है। इसके सापेक्ष उपलब्धता को देखें तो यूजेवीएनएल का उत्पादन अभी तक न्यून स्तर पर ही चल रहा है। 10 अप्रैल को यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन 80 लाख यूनिट था जो कि रविवार को 79 लाख यूनिट दर्ज किया गया। सामान्य दिनों में यह 2.4 करोड़ यूनिट तक पहुंचता है। वहीं, केंद्रीय पूल से भी यूपीसीएल को रोजाना 1.4 करोड़ यूनिट बिजली ही मिल रही है।
आपूर्ति में कमी के चलते अचानक में कटौती
मांग के सापेक्ष उपलब्धता कम होने की वजह से यूपीसीएल को रोजाना 80 हजार से एक लाख यूनिट बिजली की किल्लत पेश आ रही है। लिहाजा, यूपीसीएल को कटौती करनी पड़ रही है। यूपीसीएल प्रबंधन के मुताबिक, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के ग्रामीण इलाकों में 25 मिनट से लेकर एक घंटा, छोटे कस्बों में 10 से 20 मिनट, अन्य कस्बों में एक घंटे तक और स्टील फर्नेश में तीन घंटे की कटौती करनी पड़ रही है। हालांकि अभी कहीं भी ऐसे हालात नहीं हैं कि घोषित कटौती करनी पड़ी। आपूर्ति में कमी के चलते अचानक में यह कटौती की जा रही है।
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ग्लेशियर पिघलेंगे तो बढ़ सकता है उत्पादन
फिलहाल नदियों में जल स्तर कम होने की वजह से यूजेवीएनएल का बिजली उत्पादन कम चल रहा है। पिछला इतिहास देखें तो गर्मी बढ़ने पर उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ पिघलने लगती है। इससे नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है। यूजेवीएनएल प्रबंधन इसके इंतजार में है। जल स्तर बढ़ने पर बिजली का उत्पादन भी बढ़ जाएगा।

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