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Dehradun News: यूजेवीएनएल एमडी पहुंचे उत्तरकाशी, परियोजनाओं के सुरक्षा मानकों पर जोर
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देहरादून। यूजेवीएनएल के एमडी एके सिंह शनिवार को उत्तरकाशी पहुंचे। यहां लगातार हो रही भारी बारिश के कारण भागीरथी नदी में सिल्ट (गाद) और मलबे की मात्रा काफी बढ़ गई है। भूस्खलन और बंद सड़कों के कारण पूरा क्षेत्र संवेदनशील बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने मनेरी भाली जलविद्युत परियोजना-प्रथम एवं द्वितीय का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मानसून प्रबंधन, विद्युत उत्पादन और आपदा तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
प्रबंध निदेशक एके सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी बांधों और विद्युत गृहों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत हो। उन्होंने उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं दक्षतापूर्ण उपयोग कर अधिकतम विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रतिकूल मौसम में भी राज्य को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।
संभावित आपदाओं के मद्देनजर एमडी सिंह ने संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी, अर्ली वार्निंग सिस्टम और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से निरंतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को गुणवत्तापूर्ण बिजली देना यूजेवीएनएल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कर्मचारी टीम भावना और तकनीकी दक्षता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। इस दौरान महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल, उपमहाप्रबंधक राजेश चौकसे, आशुतोष सिंह, नवल चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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प्रबंध निदेशक एके सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी बांधों और विद्युत गृहों का संचालन निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत हो। उन्होंने उपलब्ध जल का वैज्ञानिक एवं दक्षतापूर्ण उपयोग कर अधिकतम विद्युत उत्पादन सुनिश्चित करने को कहा, ताकि प्रतिकूल मौसम में भी राज्य को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलती रहे।
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संभावित आपदाओं के मद्देनजर एमडी सिंह ने संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे निगरानी, अर्ली वार्निंग सिस्टम और ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण से निरंतर समन्वय बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को गुणवत्तापूर्ण बिजली देना यूजेवीएनएल की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी कर्मचारी टीम भावना और तकनीकी दक्षता के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। इस दौरान महाप्रबंधक पंकज अग्रवाल, उपमहाप्रबंधक राजेश चौकसे, आशुतोष सिंह, नवल चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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