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26/11 मुंबई हमला: तहव्वुर राणा के खिलाफ पूरक आरोप पत्र जल्दी दाखिल करे एनआईए : कोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
पटियाला हाउस स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े बड़े साजिश मामले में आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने एनआईए को मई 2026 तक हर हाल में आरोपपत्र दाखिल करने के प्रयास करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि राणा के आवाज के नमूने ले लिए गए हैं, जो जांच में जुटाए गए अन्य सुबूतों की पुष्टि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एजेंसी का दावा है कि ये साक्ष्य 26/11 हमलों की साजिश की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में सहायक साबित हो सकते हैं। एनआईए के अनुसार, पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर हमलों से पहले मुंबई में लक्षित स्थानों की रेकी कराई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि राणा ने मुंबई में एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म के नाम पर ऑफिस खोला था, जो वास्तव में एक कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह ऑफिस किसी वास्तविक व्यवसाय के लिए नहीं था, बल्कि आतंकी हमलों की तैयारी और रेकी मिशन को अंजाम देने के लिए बनाया गया था।
जांच में यह भी सामने आया है कि राणा वर्ष 2005 से ही भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठन शामिल थे। उल्लेखनीय है कि तहव्वुर राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। यहां पहुंचने पर उसे पटियाला हाउस की विशेष एनआईए अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के तहत हिरासत में लिया गया। राणा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या, आपराधिक साजिश और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला 26/11 हमलों की बड़ी साजिश से जुड़ा है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। एनआईए की जांच में राणा को प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है। अदालत के इस निर्देश से मामले में जांच को नई गति मिलने की उम्मीद है, ताकि जल्द से जल्द ट्रायल शुरू हो सके।
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नई दिल्ली।
पटियाला हाउस स्थित विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अदालत ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों से जुड़े बड़े साजिश मामले में आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने एनआईए को मई 2026 तक हर हाल में आरोपपत्र दाखिल करने के प्रयास करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को निर्धारित की गई है।
सुनवाई के दौरान एनआईए ने अदालत को बताया कि राणा के आवाज के नमूने ले लिए गए हैं, जो जांच में जुटाए गए अन्य सुबूतों की पुष्टि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। एजेंसी का दावा है कि ये साक्ष्य 26/11 हमलों की साजिश की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में सहायक साबित हो सकते हैं। एनआईए के अनुसार, पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा पर आरोप है कि उसने डेविड कोलमैन हेडली के साथ मिलकर हमलों से पहले मुंबई में लक्षित स्थानों की रेकी कराई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि राणा ने मुंबई में एक इमिग्रेशन कंसल्टेंसी फर्म के नाम पर ऑफिस खोला था, जो वास्तव में एक कवर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह ऑफिस किसी वास्तविक व्यवसाय के लिए नहीं था, बल्कि आतंकी हमलों की तैयारी और रेकी मिशन को अंजाम देने के लिए बनाया गया था।
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जांच में यह भी सामने आया है कि राणा वर्ष 2005 से ही भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और हिज्बुल मुजाहिदीन जैसे संगठन शामिल थे। उल्लेखनीय है कि तहव्वुर राणा को अप्रैल 2025 में अमेरिका से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। यहां पहुंचने पर उसे पटियाला हाउस की विशेष एनआईए अदालत द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट के तहत हिरासत में लिया गया। राणा पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) एक्ट (यूएपीए) की विभिन्न धाराओं के तहत देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या, आपराधिक साजिश और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला 26/11 हमलों की बड़ी साजिश से जुड़ा है, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। एनआईए की जांच में राणा को प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक माना जा रहा है। अदालत के इस निर्देश से मामले में जांच को नई गति मिलने की उम्मीद है, ताकि जल्द से जल्द ट्रायल शुरू हो सके।