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Delhi NCR News: प्रदूषण घटाने की मुहिम में 282.80 किमी सड़कें हुईं तैयार
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एमसीडी का 1,300 किमी सड़क सुधार अभियान जारी, 372.21 किमी पर निर्माण कार्य तेज
विनोद डबास
नई दिल्ली। राजधानी में सड़क से उड़ने वाली धूल पर लगाम लगाने के लिए चल रहे एमसीडी के मेगा सड़क सुधार अभियान में अहम प्रगति हुई है। निगम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय 1,300 किलोमीटर सड़क सुधार योजना के तहत 282.80 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि 372.21 किलोमीटर सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है। शेष परियोजनाओं के लिए चरणबद्ध तरीके से टेंडर और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
एमसीडी के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत करीब 1,880 करोड़ रुपये की लागत से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने के साथ सड़क से उड़ने वाली धूल को कम करना है, जो दिल्ली के वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है।
अभियान को गति देने के लिए सड़क परियोजनाओं में दोहरी मंजूरी की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आएगी और परियोजनाओं की मंजूरी में लगने वाला समय कम होगा। साथ ही फील्ड स्तर के अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां भी बढ़ाई गई हैं, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।
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केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान कर रहा निगरानी
सड़क निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) को तकनीकी सहयोगी बनाया गया है। संस्थान निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इकोफिक्स सामग्री की गुणवत्ता और उसके उपयोग की निगरानी करेगा। एमसीडी का कहना है कि इससे सड़कें अधिक टिकाऊ होंगी और रोड डस्ट की समस्या भी कम होगी।
तय समयसीमा में काम पूरा करने का लक्ष्य
निगम के मुताबिक, सर्दियों में दिल्ली के प्रदूषण में सड़क की धूल का बड़ा योगदान रहता है। इसी कारण सीएक्यूएम स्थानीय निकायों को सड़क मरम्मत, पक्कीकरण, यांत्रिक सफाई और धूल नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देता रहा है। एमसीडी का लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर सभी 1,300 किलोमीटर सड़कों का सुधार कार्य पूरा करना है।
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विनोद डबास
नई दिल्ली। राजधानी में सड़क से उड़ने वाली धूल पर लगाम लगाने के लिए चल रहे एमसीडी के मेगा सड़क सुधार अभियान में अहम प्रगति हुई है। निगम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय 1,300 किलोमीटर सड़क सुधार योजना के तहत 282.80 किलोमीटर सड़कों का काम पूरा कर लिया गया है, जबकि 372.21 किलोमीटर सड़कों पर निर्माण कार्य जारी है। शेष परियोजनाओं के लिए चरणबद्ध तरीके से टेंडर और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
एमसीडी के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों के तहत करीब 1,880 करोड़ रुपये की लागत से यह अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सड़कों की स्थिति बेहतर बनाने के साथ सड़क से उड़ने वाली धूल को कम करना है, जो दिल्ली के वायु प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल है।
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अभियान को गति देने के लिए सड़क परियोजनाओं में दोहरी मंजूरी की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इससे फाइलों के निस्तारण में तेजी आएगी और परियोजनाओं की मंजूरी में लगने वाला समय कम होगा। साथ ही फील्ड स्तर के अधिकारियों की वित्तीय शक्तियां भी बढ़ाई गई हैं, ताकि छोटे और मध्यम स्तर के कार्यों को तेजी से पूरा किया जा सके।
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केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान कर रहा निगरानी
सड़क निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) को तकनीकी सहयोगी बनाया गया है। संस्थान निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इकोफिक्स सामग्री की गुणवत्ता और उसके उपयोग की निगरानी करेगा। एमसीडी का कहना है कि इससे सड़कें अधिक टिकाऊ होंगी और रोड डस्ट की समस्या भी कम होगी।
तय समयसीमा में काम पूरा करने का लक्ष्य
निगम के मुताबिक, सर्दियों में दिल्ली के प्रदूषण में सड़क की धूल का बड़ा योगदान रहता है। इसी कारण सीएक्यूएम स्थानीय निकायों को सड़क मरम्मत, पक्कीकरण, यांत्रिक सफाई और धूल नियंत्रण के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश देता रहा है। एमसीडी का लक्ष्य तय समयसीमा के भीतर सभी 1,300 किलोमीटर सड़कों का सुधार कार्य पूरा करना है।