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Delhi NCR News: 300 नई ई-बसें सड़कों पर, 24 करोड़ की सब्सिडी भी जारी, एनसीआर कनेक्टिविटी को मिला बूस्ट
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ बस डिपो परिवाहन से जुडृी कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में शुक्रवार को कई अहम कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ बस डिपो से 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। साथ ही नानकसर से गाजियाबाद तक नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा शुरू की गई और 12,877 लाभार्थियों के खातों में 24 करोड़ रुपये से अधिक की ईवी सब्सिडी भी जारी की गई।
इन पहलों के साथ दिल्ली का कुल बस बेड़ा 6,100 से अधिक हो गया। अब सरकार 2028-29 तक इसे 14,000 बसों तक बढ़ाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। नई बसें लो-फ्लोर, एयर कंडीशंड होने के साथ सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजन के अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र विकसित करना है, जो स्वच्छ, किफायती, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि लोगों की दैनिक यात्रा को भी आसान बनाएगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 300 नई इलेक्ट्रिक बसों का शामिल होना, नई ई-बस सेवा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ये सभी कदम दिल्ली के परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
300 नई इलेक्ट्रिक बसें : 300 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गई हैं। ये बसें लो-फ्लोर और एयर कंडीशंड होने के साथ सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं। इन बसों के शामिल होने से राजधानी का कुल बस बेड़ा 6,100 के पार पहुंच गया है, जबकि सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 14,000 बसों तक ले जाने का है।
नानकसर-गाजियाबाद ई-बस सेवा : दिल्ली-एनसीआर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नानकसर से गाजियाबाद के ओल्ड बस स्टैंड तक नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा शुरू की गई है। करीब 21 किलोमीटर लंबे इस रूट पर भजनपुरा, लोनी रोड, यूपी बॉर्डर, पसोंडा, हिंडन एयरपोर्ट और मोहन नगर जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे। शुरुआत में इस रूट पर तीन बसें पायलट आधार पर चलाई जा रही हैं, जो रोजाना दोनों दिशाओं में 12 ट्रिप करेंगी। यह सेवा सुबह 7:15 बजे से रात 10:10 बजे तक उपलब्ध रहेगी और अधिकतम किराया 53 रुपये रखा गया है।
ईवी सब्सिडी वितरण : इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ईवी सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को फिर से गति दी है। पहले चरण में 12,877 लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। यह सब्सिडी दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत दी जा रही है। पहले यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसे पारदर्शी तरीके से फिर शुरू किया गया है और बाकी मामलों का निपटारा भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
डीटीसी का नया कार्यालय भवन : दिल्ली परिवहन निगम के लिए इंद्रप्रस्थ बस डिपो में एक नया बहुमंजिला कार्यालय भवन बनाया जाएगा, जिसका शिलान्यास किया गया है। करीब 1800 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाला यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें लॉबी, वेटिंग लाउंज, कॉन्फ्रेंस रूम, अधिकारियों के कक्ष और स्टाफ वर्कस्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा इसमें ऊर्जा-कुशल डिजाइन, आधुनिक संचार प्रणाली और अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार : राजधानी में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार बस डिपो के आधुनिकीकरण, आईएसबीटी के पुनर्विकास, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना और प्रदूषण जांच प्रणाली को सुदृढ़ करने जैसे कई कदम उठा रही है। इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक कुशल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, ताकि दिल्ली में यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में सार्वजनिक परिवहन को स्वच्छ, आधुनिक और ज्यादा सुविधाजनक बनाने की दिशा में शुक्रवार को कई अहम कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंद्रप्रस्थ बस डिपो से 300 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई। साथ ही नानकसर से गाजियाबाद तक नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा शुरू की गई और 12,877 लाभार्थियों के खातों में 24 करोड़ रुपये से अधिक की ईवी सब्सिडी भी जारी की गई।
इन पहलों के साथ दिल्ली का कुल बस बेड़ा 6,100 से अधिक हो गया। अब सरकार 2028-29 तक इसे 14,000 बसों तक बढ़ाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है। नई बसें लो-फ्लोर, एयर कंडीशंड होने के साथ सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजन के अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसा सार्वजनिक परिवहन तंत्र विकसित करना है, जो स्वच्छ, किफायती, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार हो। उन्होंने कहा कि ग्रीन ट्रांसपोर्ट न केवल प्रदूषण कम करेगा, बल्कि लोगों की दैनिक यात्रा को भी आसान बनाएगा। परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि 300 नई इलेक्ट्रिक बसों का शामिल होना, नई ई-बस सेवा और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास ये सभी कदम दिल्ली के परिवहन को पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे।
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300 नई इलेक्ट्रिक बसें : 300 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी गई हैं। ये बसें लो-फ्लोर और एयर कंडीशंड होने के साथ सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के अनुकूल सुविधाओं से लैस हैं। इन बसों के शामिल होने से राजधानी का कुल बस बेड़ा 6,100 के पार पहुंच गया है, जबकि सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक इसे बढ़ाकर 14,000 बसों तक ले जाने का है।
नानकसर-गाजियाबाद ई-बस सेवा : दिल्ली-एनसीआर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए नानकसर से गाजियाबाद के ओल्ड बस स्टैंड तक नई अंतरराज्यीय ई-बस सेवा शुरू की गई है। करीब 21 किलोमीटर लंबे इस रूट पर भजनपुरा, लोनी रोड, यूपी बॉर्डर, पसोंडा, हिंडन एयरपोर्ट और मोहन नगर जैसे प्रमुख इलाके जुड़ेंगे। शुरुआत में इस रूट पर तीन बसें पायलट आधार पर चलाई जा रही हैं, जो रोजाना दोनों दिशाओं में 12 ट्रिप करेंगी। यह सेवा सुबह 7:15 बजे से रात 10:10 बजे तक उपलब्ध रहेगी और अधिकतम किराया 53 रुपये रखा गया है।
ईवी सब्सिडी वितरण : इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ईवी सब्सिडी वितरण प्रक्रिया को फिर से गति दी है। पहले चरण में 12,877 लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 24 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई है। यह सब्सिडी दिल्ली इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 2020 के तहत दी जा रही है। पहले यह प्रक्रिया लंबे समय से लंबित थी, लेकिन अब इसे पारदर्शी तरीके से फिर शुरू किया गया है और बाकी मामलों का निपटारा भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
डीटीसी का नया कार्यालय भवन : दिल्ली परिवहन निगम के लिए इंद्रप्रस्थ बस डिपो में एक नया बहुमंजिला कार्यालय भवन बनाया जाएगा, जिसका शिलान्यास किया गया है। करीब 1800 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाला यह भवन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें लॉबी, वेटिंग लाउंज, कॉन्फ्रेंस रूम, अधिकारियों के कक्ष और स्टाफ वर्कस्टेशन शामिल होंगे। इसके अलावा इसमें ऊर्जा-कुशल डिजाइन, आधुनिक संचार प्रणाली और अग्नि सुरक्षा की व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।
परिवहन इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार : राजधानी में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार बस डिपो के आधुनिकीकरण, आईएसबीटी के पुनर्विकास, ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशनों की स्थापना और प्रदूषण जांच प्रणाली को सुदृढ़ करने जैसे कई कदम उठा रही है। इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक कुशल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है, ताकि दिल्ली में यात्रियों को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें।