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Republic Day 2026: साहस, सेवा और समर्पण से बढ़ाया पुलिस का मान, 33 को मिला राष्ट्रपति सम्मान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली/नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Mon, 26 Jan 2026 07:59 AM IST
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सार
वीरता के लिए दिए गए राष्ट्रपति पदकों में सबसे अधिक चर्चा स्पेशल सेल के उन अधिकारियों और जवानों की रही, जिन्होंने अलग-अलग अभियानों में खतरनाक आतंकियों और शार्प शूटर्स को दबोचने में अहम भूमिका निभाई।
Delhi police
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली पुलिस के 33 अधिकारियों और जवानों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को मिला, जिन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़े चुनौतीपूर्ण हालात में अपनी जान जोखिम में डालकर जिम्मेदारी निभाई। इस बार के पदक न सिर्फ बहादुरी, बल्कि लंबे समय तक की गई समर्पित और ईमानदार सेवा की भी गवाही देते हैं।
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वीरता के लिए दिए गए राष्ट्रपति पदकों में सबसे अधिक चर्चा स्पेशल सेल के उन अधिकारियों और जवानों की रही, जिन्होंने अलग-अलग अभियानों में खतरनाक आतंकियों और शार्प शूटर्स को दबोचने में अहम भूमिका निभाई। स्पेशल सेल के एडिशनल सीपी पीएस कुशवाहा समेत 14 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक मिला। इन अभियानों के दौरान कई बार पुलिस टीम आमने-सामने की मुठभेड़ में फंसी, लेकिन सूझबूझ और साहस से हालात को काबू में किया गया। इन कार्रवाइयों से राजधानी में बड़े हमलों की आशंका टल सकी।
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विशिष्ट सेवा के लिए सेवानिवृत्त एसआई गजेंद्र सिंह राणा और महिला एसआई नवल कुमारी को राष्ट्रपति पदक से नवाजा गया। दोनों अधिकारियों ने अपने लंबे सेवा काल में प्रशिक्षण, जनसंपर्क और महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इसके अलावा 17 अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पदक मिला। इनमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों से लेकर निरीक्षक, उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक शामिल हैं। इन पुलिसकर्मियों ने प्रशासनिक सुधार, तकनीकी नवाचार, जांच, ट्रैफिक प्रबंधन और जनसुरक्षा से जुड़े कामों में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह सम्मान व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ-साथ पूरी दिल्ली पुलिस टीम के मनोबल को मजबूत करता है। राजधानी में बढ़ती चुनौतियों के बीच ऐसे सम्मान पुलिसकर्मियों को और बेहतर काम करने की प्रेरणा देते हैं।
सेवा और शौर्य को मिला सम्मान
गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट में तैनात तीन पुलिसकर्मियों को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक व डीजीपी प्रशंसा चिन्ह से सम्मानित किया जाएगा। रविवार को इसकी लिस्ट जारी की गई। इसमें दो डीसीपी व एक एसीपी शामिल हैं। वहीं, नोएडा एसटीएफ के चार पुलिसकर्मियों को भी डीजीपी प्रशंसा चिन्ह व शौर्य पुरस्कार मिला है।
डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह को राष्ट्रपति सराहनीय सेवा पदक मिला है। यह पदक उनके सेवा काल के बेहतरीन कार्य के लिए दिया गया है। वहीं, डीसीपी मुख्यालय रवि शंकर निम को शौर्य के आधार पर डीजीपी स्वर्ण प्रशंसा चिन्ह से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही एसीपी महिला सुरक्षा दीक्षा सिंह को शौर्य के आधार पर डीजीपी रजत प्रशंसा चिन्ह से सम्मानित किया गया है। नोएडा एसटीएफ के चार पुलिसकर्मियों को भी सम्मान मिला है। इनमें हेड कांस्टेबल अमरदीप को शौर्य सम्मान मिला है।
हेड कांस्टेबल देवदत्त, कमांडो नरेंद्र राणा व हेड कांस्टेबल चालक जैसी राम को डीपीजी रजत पदक से सम्मानित किया गया है। सेंट्रल नोएडा जोन के सर्विलांस टीम के नरेंद्र कुमार को भी डीजीपी रजत प्रशंसा चिन्ह मिला है।
आईटीबीपी कमांडेंट सुभाष चंद्र यादव को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस मेडल
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में ग्रेटर नोएडा स्थित 39वीं बटालियन के कमांडेंट सुभाष चंद्र यादव को उत्कृष्ट और सराहनीय सेवाओं के लिए गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया है। मूलरूप से जनपद बस्ती के मुंडरवा क्षेत्र के उमरी अहारा गांव निवासी कमांडेंट यादव अगस्त 1999 में असिस्टेंट कमांडेंट के रूप में आईटीबीपी में शामिल हुए थे। उन्होंने उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाकों में उल्लेखनीय सेवाएं दीं। छह वर्षों तक एनएसजी में रहते हुए चेन्नई, लखनऊ और दिल्ली में टास्क फोर्स की कमान संभाली और कॉमनवेल्थ गेम्स-2010 की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गलवान घाटी संघर्ष के दौरान लद्दाख में जवानों का नेतृत्व और कैलाश मानसरोवर यात्रा संचालन में योगदान भी उनके सेवा रिकॉर्ड का अहम हिस्सा रहा।