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Delhi NCR News: 48 गांव होंगे शहरीकृत, एमसीडी की स्थायी समिति के समक्ष प्रस्ताव पेश
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स्वीकृति के बाद दिल्ली सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
दिल्ली विकास प्राधिकरण ने तैयार की है प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
विनोद डबास
नई दिल्ली। राजधानी के विकास को नई दिशा देने की तैयारी के तहत दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों को शहरीकृत गांव घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। डीएमसी एक्ट के तहत इस बारे में एमसीडी की स्थायी समिति को प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति के बाद यह दिल्ली सरकार को भेजा जाएगा।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने तैयार की है। उसने प्रस्ताव में मास्टर प्लान दिल्ली-2041 (एमपीडी-2041) में लैंड पूलिंग, हरित क्षेत्र विकास, मौजूदा क्षेत्रों के पुनरुद्धार और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी रणनीतियों को प्रमुखता देने का हवाला दिया है। इनके क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी ढांचे में लाने की आवश्यकता महसूस की गई।
20 फरवरी को डीडीए ने दी थी मंजूरी
डीडीए ने 20 फरवरी को बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद 27 फरवरी को उप-निदेशक (योजना), लैंड पूलिंग ने एमसीडी को पत्र भेजकर इन गांवों को शहरी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। अब एमसीडी ने इसे आगे बढ़ाते हुए स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
इन गांवों को किया जाएगा शहरीकृत
पल्ला, सिंगोला, मुंगेशपुर, निजामपुर, फतेहपुर बेरी, झटीकरा, कंगनहेड़ी, रावता, ढांसा, कादीपुर, चिल्ला, बकोली, हमीदपुर, सांगरपुर, ताजपुर कलां, दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, शाहपुर गढ़ी, रासिदपुर, टटेसर, जगतपुर, पुर शाहदरा, सभापुर, बदरपुर खादर, खानपुर खनल, जाफराबाद, चंदन होला, बडूसराय, दौराला, घुमनहेड़ा, जैतपुर, राघोपुर, शिकारपुर, नानकहेड़ी, बाकरगढ़, गालिबपुर, ईसापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर आदि।
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दिल्ली विकास प्राधिकरण ने तैयार की है प्रस्ताव की पृष्ठभूमि
विनोद डबास
नई दिल्ली। राजधानी के विकास को नई दिशा देने की तैयारी के तहत दिल्ली के 48 ग्रामीण गांवों को शहरीकृत गांव घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। डीएमसी एक्ट के तहत इस बारे में एमसीडी की स्थायी समिति को प्रस्ताव भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति के बाद यह दिल्ली सरकार को भेजा जाएगा।
प्रस्ताव की पृष्ठभूमि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने तैयार की है। उसने प्रस्ताव में मास्टर प्लान दिल्ली-2041 (एमपीडी-2041) में लैंड पूलिंग, हरित क्षेत्र विकास, मौजूदा क्षेत्रों के पुनरुद्धार और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट जैसी रणनीतियों को प्रमुखता देने का हवाला दिया है। इनके क्रियान्वयन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों को भी शहरी ढांचे में लाने की आवश्यकता महसूस की गई।
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20 फरवरी को डीडीए ने दी थी मंजूरी
डीडीए ने 20 फरवरी को बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके बाद 27 फरवरी को उप-निदेशक (योजना), लैंड पूलिंग ने एमसीडी को पत्र भेजकर इन गांवों को शहरी घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया। अब एमसीडी ने इसे आगे बढ़ाते हुए स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है।
इन गांवों को किया जाएगा शहरीकृत
पल्ला, सिंगोला, मुंगेशपुर, निजामपुर, फतेहपुर बेरी, झटीकरा, कंगनहेड़ी, रावता, ढांसा, कादीपुर, चिल्ला, बकोली, हमीदपुर, सांगरपुर, ताजपुर कलां, दौलतपुर, राजपुर कलां, औचंदी, शाहपुर गढ़ी, रासिदपुर, टटेसर, जगतपुर, पुर शाहदरा, सभापुर, बदरपुर खादर, खानपुर खनल, जाफराबाद, चंदन होला, बडूसराय, दौराला, घुमनहेड़ा, जैतपुर, राघोपुर, शिकारपुर, नानकहेड़ी, बाकरगढ़, गालिबपुर, ईसापुर, कैर, मुंडेला कलां, मुंडेला खुर्द, सुरखपुर आदि।