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Delhi NCR News: एक महीने में 6 हजार उपभोक्ताओं ने छोड़ी एलपीजी, पीएनजी की ओर रुख
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मार्च में 2.9 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जुड़े, पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरा पीएनजी
सचिन कुमार
नई दिल्ली।
राजधानी में गैस आपूर्ति की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एलपीजी सिलिंडर की अनियमित सप्लाई के कारण उपभोक्ता विकल्प तलाशने को मजबूर हैं। ऐसे में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) एक भरोसेमंद और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभर रही है। करीब एक महीने में 6 हजार उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपनाया है। प्रशासन ने भी दिल्ली समेत अन्य शहरों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि जो लोग पूरी तरह पीएनजी पर निर्भर हो चुके हैं, वह अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दें, ताकि जरूरतमंदों तक सिलिंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मार्च में 2.9 लाख नए कनेक्शन : देशभर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। केवल मार्च महीने में ही करीब 2.9 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी लगातार नए इलाकों को इस सुविधा से जोड़ा जा रहा है। प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और जागरूकता बढ़ाकर एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीएनजी को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी की परेशानी नहीं होती। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि जो उपभोक्ता पूरी तरह पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन छोड़ देना चाहिए। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो अभी भी सिलिंडर पर निर्भर हैं।
उद्योगों पर भी असर : गैस की कमी का असर केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है। औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को भी पूरी गैस आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत ही गैस मिल रही है, जबकि उर्वरक संयंत्रों को 70-75 प्रतिशत क्षमता के हिसाब से आपूर्ति हो रही है। फेडरेशन ऑफ ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के वित्त सचिव प्रवीण शर्मा ने बताया कि गैस आपूर्ति में रुकावट से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई इकाइयों को वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के उद्यमी राजेंद्र ने बताया कि गैस संकट ने कामकाज को कठिन बना दिया है। अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
घरेलू इस्तेमाल में पीएनजी लोगों की पहली पसंद : घरेलू ईंधन के क्षेत्र में अब पीएनजी लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। साफ, सुरक्षित और सुविधाजनक होने के कारण लोग तेजी से पीएनजी कनेक्शन की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में अब आईजीएल के कॉल सेंटर पर कनेक्शन के लिए लगातार कॉल बढ़ रहे हैं। पहले जहां लोग एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर थे, वहीं अब पीएनजी ने उनकी जगह लेनी शुरू कर दी है। सिलिंडर बुकिंग, डिलीवरी और खत्म होने की चिंता से छुटकारा मिलने के कारण उपभोक्ता इसे अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं। आईजीएल से जुड़े अमनदीप ने बताया कि पिछले कुछ समय में कनेक्शन के लिए पूछताछ और आवेदन में वृद्धि हुई है। लोग अपने घरों में स्थायी गैस सुविधा चाहते हैं, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बच सके।
पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प : पर्यावरण विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने बताया कि पीएनजी को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है। यह एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। इसके उपयोग में बढ़ोतरी से न केवल घरेलू स्तर पर सुविधा बढ़ेगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है। एलपीजी की मौजूदा किल्लत ने उपभोक्ताओं की सोच को बदल दिया है। पीएनजी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच कनेक्शन देने की गति और आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
आईजीएल का विशेष अभियान : पीएनजी की मांग को देखते हुए आईजीएल ने पीएनजी घर आएगा अभियान शुरू किया है। इसके तहत मोबाइल वैन के जरिए विभिन्न इलाकों में जागरूकता फैलाई जा रही है और मौके पर ही आवेदन की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है, ताकि उपभोक्ता घर बैठे कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकें। कंपनी वाणिज्यिक ग्राहकों को प्राथमिकता दे रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
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सचिन कुमार
नई दिल्ली।
राजधानी में गैस आपूर्ति की कमी ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। एलपीजी सिलिंडर की अनियमित सप्लाई के कारण उपभोक्ता विकल्प तलाशने को मजबूर हैं। ऐसे में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) एक भरोसेमंद और सुविधाजनक विकल्प बनकर उभर रही है। करीब एक महीने में 6 हजार उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन छोड़कर पीएनजी अपनाया है। प्रशासन ने भी दिल्ली समेत अन्य शहरों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि जो लोग पूरी तरह पीएनजी पर निर्भर हो चुके हैं, वह अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दें, ताकि जरूरतमंदों तक सिलिंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मार्च में 2.9 लाख नए कनेक्शन : देशभर में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। केवल मार्च महीने में ही करीब 2.9 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं। दिल्ली-एनसीआर में भी लगातार नए इलाकों को इस सुविधा से जोड़ा जा रहा है। प्रक्रियाओं को सरल बनाकर और जागरूकता बढ़ाकर एलपीजी से पीएनजी की ओर बदलाव को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीएनजी को सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सिलिंडर बुकिंग और डिलीवरी की परेशानी नहीं होती। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि जो उपभोक्ता पूरी तरह पीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं, उन्हें एलपीजी कनेक्शन छोड़ देना चाहिए। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो अभी भी सिलिंडर पर निर्भर हैं।
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उद्योगों पर भी असर : गैस की कमी का असर केवल घरेलू उपयोग तक सीमित नहीं है। औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों को भी पूरी गैस आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत ही गैस मिल रही है, जबकि उर्वरक संयंत्रों को 70-75 प्रतिशत क्षमता के हिसाब से आपूर्ति हो रही है। फेडरेशन ऑफ ओखला इंडस्ट्रियल एरिया के वित्त सचिव प्रवीण शर्मा ने बताया कि गैस आपूर्ति में रुकावट से उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कई इकाइयों को वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ रही है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के उद्यमी राजेंद्र ने बताया कि गैस संकट ने कामकाज को कठिन बना दिया है। अगर जल्द आपूर्ति सामान्य नहीं हुई, तो उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
घरेलू इस्तेमाल में पीएनजी लोगों की पहली पसंद : घरेलू ईंधन के क्षेत्र में अब पीएनजी लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। साफ, सुरक्षित और सुविधाजनक होने के कारण लोग तेजी से पीएनजी कनेक्शन की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में अब आईजीएल के कॉल सेंटर पर कनेक्शन के लिए लगातार कॉल बढ़ रहे हैं। पहले जहां लोग एलपीजी सिलिंडर पर निर्भर थे, वहीं अब पीएनजी ने उनकी जगह लेनी शुरू कर दी है। सिलिंडर बुकिंग, डिलीवरी और खत्म होने की चिंता से छुटकारा मिलने के कारण उपभोक्ता इसे अधिक भरोसेमंद मान रहे हैं। आईजीएल से जुड़े अमनदीप ने बताया कि पिछले कुछ समय में कनेक्शन के लिए पूछताछ और आवेदन में वृद्धि हुई है। लोग अपने घरों में स्थायी गैस सुविधा चाहते हैं, जिससे उनका समय और मेहनत दोनों बच सके।
पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प : पर्यावरण विशेषज्ञ संजय मिश्रा ने बताया कि पीएनजी को पर्यावरण के अनुकूल ईंधन माना जाता है। यह एलपीजी और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। इसके उपयोग में बढ़ोतरी से न केवल घरेलू स्तर पर सुविधा बढ़ेगी, बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने में भी मदद मिलेगी। खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रदूषण प्रभावित क्षेत्रों के लिए यह एक सकारात्मक बदलाव साबित हो सकता है। एलपीजी की मौजूदा किल्लत ने उपभोक्ताओं की सोच को बदल दिया है। पीएनजी अब केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बनता जा रहा है। हालांकि, बढ़ती मांग के बीच कनेक्शन देने की गति और आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।
आईजीएल का विशेष अभियान : पीएनजी की मांग को देखते हुए आईजीएल ने पीएनजी घर आएगा अभियान शुरू किया है। इसके तहत मोबाइल वैन के जरिए विभिन्न इलाकों में जागरूकता फैलाई जा रही है और मौके पर ही आवेदन की सुविधा दी जा रही है। साथ ही, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को भी आसान बनाया गया है, ताकि उपभोक्ता घर बैठे कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकें। कंपनी वाणिज्यिक ग्राहकों को प्राथमिकता दे रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों।