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घर-घर में बीमारी: नूंह के गांव में 64 लोगों की मौत, पांच साल से दहशत, 15 कैंसर- 24 टीबी और 25 हार्टअटैक से मरे

रिजवान खान, अमर उजाला नूंह Published by: विकास कुमार Updated Fri, 27 Mar 2026 06:15 AM IST
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सार

टपकन गांव में लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। हर घर में बीमारी का डर है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीते पांच साल में 64 लोगों की मौत ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। 

64 People Die of Illness in Tapkan Village Nuh
मीट की फैक्टरी और उसके कचरे से फैल रही बीमारियां - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

हरियाणा के नूंह जिले के टपकन गांव में पिछले पांच वर्षों में 64 लोगों की संदिग्ध मौतों ने पूरे गांव को दहशत में डाल दिया है। इन मौतों में टीबी, सांस की बीमारियां, हार्ट अटैक और कैंसर जैसे गंभीर कारण सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में संचालित मीट फैक्टरी नियमों की अनदेखी कर रही है और उससे फैल रहा प्रदूषण ही इन मौतों की बड़ी वजह बन रहा है। लगातार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि जिला उपायुक्त अखिल पिलानी को गांव की सरपंच ने मृतक व गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों की लिस्ट सौंपी है।

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मौतों से सहमा गांव
टपकन गांव में लगातार बढ़ रही मौतों की संख्या ने ग्रामीणों को चिंता में डाल दिया है। हर घर में बीमारी का डर है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। बीते पांच साल में 64 लोगों की मौत ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है। सरपंच प्रतिनिधि मोहसिन का कहना है कि कैंसर से 15, टीबी की बीमारी से 24 व हार्ट अटैक से 25 लोगों की जान जा चुकी है।

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बीमारियों का बढ़ता प्रकोप
ग्रामीण मैनुद्दीन, मुमताज, साबिर हुसैन, सद्दाम व पूर्व सरपंच ताज मोहम्मद का कहना है कि गांव में टीबी, सांस की बीमारी, खाज-खुजली, कैंसर और हार्ट अटैक के मरीज तेजी से बढ़े हैं। लोग इसे सीधे तौर पर प्रदूषण से जोड़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ रहा है।

मीट फैक्टरी पर गंभीर आरोप
गांव की सरपंच गोसिया खातुन का कहना है कि मीट फैक्टरी में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। फैक्टरी से निकलने वाला मल-मूत्र खुले में डाला जा रहा है, जिससे हवा, पानी और जमीन प्रदूषित हो रही है। बदबू के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।

सरपंच ने डीसी से लगाई गुहार
मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव की सरपंच ने मंगलवार को जिला उपायुक्त से मुलाकात की। उन्होंने मृतकों और गंभीर रूप से बीमार लोगों की सूची सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
 

ग्रामीणों में आक्रोश
गांव वालों ने साफ तौर पर मीट फैक्टरी को इन मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं।
 

एनजीटी के दौरान गांव की सरपंच ने एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी जांच के लिए मृतकों की लिस्ट मांगी गई है। हालांकि अभी तक शिकायत में जो कारण दर्शाये गए हैं उनके बारे में कोई ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं। मेडिकल टीम मामले की जांच कर रही है। जो भी रिपोर्ट आएगी उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - अखिल पिलानी, जिला उपायुक्त नूंह।

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