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Imprisonment: आठ साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न के मामले में 72 साल के बुजुर्ग को सजा, 20 साल का कठोर कारावास
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 27 Mar 2026 03:29 AM IST
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सार
अदालत ने आरोपी को बच्ची का दादा कहकर पुकारने वाले संबंध का फायदा उठाकर उसके विश्वास का घोर दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया।
दुष्कर्म के आरोपी को कठोर कारावास की सजा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तीस हजारी कोर्ट की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो) ने 8 वर्षीय अनाथ बालिका के यौन उत्पीड़न के मामले में 72 वर्षीय आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी को बच्ची का दादा कहकर पुकारने वाले संबंध का फायदा उठाकर उसके विश्वास का घोर दुरुपयोग करने का दोषी ठहराया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बबिता पुनिया ने मंगलवार को दिए फैसले में कहा कि यह मात्र एक अपराध नहीं, बल्कि बचपन पर हमला है। अदालत ने टिप्पणी की, ऐसे लोग बच्चों पर गिद्ध की तरह नजर रखते हैं।
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घटना दिसंबर 2025 की बताई गई है। पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषसिद्ध ठहराए गए आरोपी पर बालिका से गंभीर यौन उत्पीड़न का आरोप साबित हुआ। अदालत ने कहा कि 64 वर्ष के उम्र के फासले के बावजूद आरोपी ने बच्ची की असहाय स्थिति का लाभ उठाया। बच्ची अनाथ होने के कारण और भी कमजोर थी।
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आरोपी को पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल की कठोर कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त 6 महीने की कैद होगी। साथ ही आपराधिक धमकी के लिए दो महीने की साधारण कैद भी सुनाई गई, जो समानांतर चलेगी।
पीड़िता को 13.5 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। अदालत ने पीड़िता के लिए ट्रॉमा काउंसलिंग, शिक्षा सहायता (कक्षा 12 तक) और व्यावसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। न्यायाधीश बबिता पुनिया ने कहा कि कोई भी राशि बच्ची के खोए बचपन को वापस नहीं ला सकती, लेकिन पुनर्वास के लिए यह जरूरी है।