खाकी में लुटेरा: डकैतों का सरदार निकला दिल्ली पुलिस का हवलदार, सात गिरफ्तार; 50 लाख की डकैती का खुलासा
दिल्ली के बाड़ा हिन्दू राव थाना क्षेत्र में 31 मार्च को हुई 50 लाख रुपये की डकैती मामले में उत्तरी जिला पुलिस ने दिल्ली पुलिस के हवलदार समय सिंह मीणा समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हवलदार समय सिंह मीणा इस गिरोह का सरदार था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 40 लाख कैश समेत अन्य सामान बरामद किया है।
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दिल्ली पुलिस की साख पर उसके ही एक हवलदार ने एक बार फिर बट्टा लगा दिया। जी हां उत्तरी दिल्ली के बाड़ा हिन्दू राव इलाके में 31 मार्च को 50 लाख रुपये की डकैती के मामले में पुलिस ने पांचवीं बटालियन में तैनात दिल्ली पुलिस के हवलदार समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान दिल्ली पुलिस के हवलदार समय सिंह मीणा (38) के अलावा इसके बाकी साथी सलमान (28), साहिल उर्फ बाबू (26), जावेद (24), निखिल कुमार मीणा (27), रोहित उर्फ हिमांशु (24) और फरमान (21) के रूप में हुई है। इस पूरे गिरोह का सरदार हवलदार समय सिंह मीणा है। उसके इशारे पर ही डकैती की वारदात को अंजाम दिया गया।
समय सिंह के खिलाफ पहले भी तीन मामले दर्ज हैं और वह दो बार पहले भी गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया करीब 40 लाख कैश, लूट की रकम से खरीदे गए छह लाख रुपये के पांच महंगे मोबाइल, एक बाइक व अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
उत्तरी जिला के पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने बताया कि 31 मार्च को पीड़ित राणा माहेपाल सिंह ने बाड़ा हिन्दू राव थाना पुलिस को एक शिकायत दी। पीड़ित ने बताया कि वह अपने साथी मोहन लाल के साथ कीर्ति नगर से अपने जानकार विक्की से 50.37 लाख लेने के बाद एक ऑटो में सवार होकर चांदनी चौक जा रहे थे।
इस बीच जैसे ही वह आजाद मार्केट चौक के पास रेलवे अंडरपास पहुंचे तो स्कूटी व बाइक सवार चार बदमाशों ने उनका ऑटो रोका और पीड़ित को थप्पड़ मारते हुए उनके साथी मोहन लाल से रुपयों का बैग लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इस बीच मामले को सुलझाने के लिए कई टीमों का गठन किया गया।
ऐसे पकड़े गए सभी आरोपी
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच करते हुए टीम ने एक बाइक की पहचान की। टीम करावल नगर स्थित श्रीराम कालोनी पहुंची। वहां बाइक का मालिक सरफराज हुसैन मिला। उसने बताया कि बाइक उसने अपने जानकार सलमान को दी थी। इसके बाद टीम ने छानबीन के बाद सलमान को दबोच लिया।
सलमान ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने जावेद, साहिल, रोहित और निखिल के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी सलमान के पास से वारदात में इस्तेमाल बाइक और आठ लाख रुपये बरामद हुए। इसके बाद 5 अप्रैल को साहिल और जावेद को गिरफ्तार किया गया। साहिल के पास से लूटे गई आठ लाख रुपये और लूटे गए रुपयों से खरीदा गया एक आईफोन बरामद हुआ।
वहीं जावेद के पास से चार लाख रुपये और दो आईफोन बरामद हुए। इसके बाद आरोपी निखिल कुमार मीणा को भी 6 अप्रैल को एफआरएस सिस्टम का इस्तेमाल करके दबोचा गया। उसके पास से लूटे गए 2.5 लाख रुपये और लूटे गए रुपयों से खरीदा गया एक मोबाइल बरामद हुआ। इसके बाद 11 अप्रैल को रोहित उर्फ हिमांशु और 25 अप्रैल को फरमान को भी गिरफ्तार कर 6 लाख बरामद कर लिए गए।
दिल्ली पुलिस के हवलदार ने रची थी पूरी साजिश
पुलिस की पूछताछ में आरोपी फरमान ने बताया कि वह समय सिंह मीणा नामक दिल्ली पुलिस के हवलदार से मिला था। उसने लूट की वारदात को अंजाम देने के लिए कुछ लोगों का इंतजाम करने को कहा। बाद में सलमान ने साहिल और उसके साथियों की मुलाकात समय सिंह और निखिल मीणा से करवाई। समय सिंह के कहने पर साहिल और उसके साथियों को कीर्ति नगर भेजा।
इसके बाद आरोपी पीड़ितों का पीछा करते हु आजाद मार्केट के पास रेलवे अंडरपास पहुंचे और वारदात को अंजाम दे दिया गया। बाद में आरोपियों ने आपस में रकम का बंटवारा कर लिया। इसके बाद सभी आरोपी फरार हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सभी आरोपियों की मनाली, गोवा, दिल्ली और मुख्य आरोपी की दौसा राजस्थान से गिरफ्तारी हुई।
निखिल, साहिल और सलमाल के खिलाफ पहले से एक-एक मामला दर्ज है जबकि समय सिंह मीणा के खिलाफ पहले से तीन मामले दर्ज हैं। सभी मामले लूट के हैं। आरोपी समय सिंह पहले भी लूट के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
