राष्ट्रीय राजधानी के बेहद पॉश विवेक विहार इलाके में चार मंजिला इमारत में भीषण आग से नौ लोगों की मौत हो गई। इनमें पांच लोग एक ही परिवार के थे। आग का कारण एसी में विस्फोट को बताया जा रहा है। यह दर्दनाक हादसा रविवार तड़के 3:48 बजे हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस, आपदा प्रबंधन की टीमों और दमकल की 14 गाड़ियों ने चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बचावकर्मियों ने 15 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, जबकि छह लोग झुलस गए, जिनमें एक की हालत नाजुक है। दो बेटियों ने दूसरी मंजिल से कूदकर जान बचाई। मृतकों में चार महिलाएं और डेढ़ साल का एक मासूम भी है।
2 of 14
विलाप करते हुए दिल्ली अग्निकांड में मारे गए लोगों के परिजन
- फोटो : पीटीआई
शाहदरा पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया, विवेक विहार फेस-1 के बी-13 नंबर स्थित चार मंजिला इमारत में आठ फ्लैट हैं। इनमें अलग-अलग परिवार रहते हैं। प्रथम दृष्ट्या आग की शुरुआत पीछे बने दूसरी मंजिल के एक फ्लैट से हुई। इस फ्लैट में नवीन जैन, पत्नी शिखा, दो बेटियों रक्षिता उर्फ परी और प्रियल के साथ रहते थे।
3 of 14
इसी इमारत में लगी थी आग
- फोटो : पीटीआई
कुछ दिनों से शिखा की बुजुर्ग मां दर्शना व पिता अरुण जैन भी इलाज के लिए आए हुए हैं। आशंका है कि आग इनके फ्लैट में एसी ब्लास्ट के बाद लगी। इमारत में धुआं फैला, तो अफरातफरी मच गई। आग ने तेजी से ऊपर के फ्लैटों को भी चपेट में ले लिया।
4 of 14
इसी इमारत में एसी फटने से लगी थी आग
- फोटो : पीटीआई
दमकलकर्मियों ने बताया, इमारत में पीछे के चार फ्लैटों में आग की तीव्रता अधिक थी। नौ शव बरामद कर पुलिस को सौंपे गए हैं। विवेक विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया है। क्राइम और फोरेंसिक टीमों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
5 of 14
इसी इमारत में एसी फटने से लगी थी आग
- फोटो : पीटीआई
मां को बचाने में गई शिखा की जान
आग लगते ही शिखा और नवीन ने परिवार के सदस्यों को निकालना शुरू किया। पहले पिता को निकाला। दोनों बेटियां व शिखा की मां दर्शना फंस गईं। नवीन ने दोनों बेटियों को दूसरी मंजिल से कूदने के लिए कहा। नीचे पहले ही गद्दे डाल दिए थे। दोनों बेटियां गद्दों पर कूद गईं, जिससे उनकी जान बच गई। इस बीच, शिखा मां को बचाने लगीं। मां को निकालने में वह कामयाब हो गईं, पर खुद फंस गई और उनकी मौत हो गई। नवीन भी झुलस गए।