दिल्ली में लाल बत्ती पर फूल बेचने वाली बच्ची से हैवानियत: चाय का लालच देकर ले गया ई-रिक्शा चालक, हुआ गिरफ्तार
पूछताछ में बच्ची ने आरोपी का साफ हुलिया बताया, जिसमें उसके चेहरे की बनावट, कपड़ा आदि शामिल है। साथ ही उसने उसके रिक्शे के बारे में बताया, जिससे पुलिस आरोपी तक आसानी से पहुंच गई।
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दिल्ली के प्रसाद नगर थाना पुलिस ने लाल बत्ती पर फूल बेचने वाली दस साल की बच्ची को अगवा कर उससे यौन शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पेशे से ई-रिक्शा चालक 25 साल का दुर्गेश मूलत: फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ई-रिक्शा और कपड़े बरामद किए हैं।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने बताया कि घटना 11 जनवरी की है। प्रसाद नगर थाना पुलिस को लोक नायक अस्पताल से करीब 10 साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न की सूचना मिली। अस्पताल पहुंची पुलिस को पीड़िता ने बताया कि वह लालबत्ती पर गुलाब बेचने का काम करती है। 10 जनवरी की दोपहर एक अनजान ई-रिक्शा चालक ने बीएल कपूर अस्पताल के पास उसे चाय पिलाने का लालच दिया। उसने उसे ई-रिक्शा पर बिठा लिया और उसे एक सुनसान जगह पर ले गया। जहां जंगल और एक चाहरदीवारी थी। जिसके पास एक नीले रंग का कमरा था, जिसका प्रवेश करने का हिस्सा टूटा था। जहां आरोपी ने उसका यौन उत्पीड़न किया।
पूछताछ में पीड़िता ने आरोपी का साफ-साफ हुलिया बताया, जिसमें उसके चेहरे की बनावट, कपड़ा शामिल है। साथ ही उसने उसके रिक्शे के बारे में बताया कि वह लाल रंग की ई-रिक्शा चला रहा था, जिसकी छत सफेद थी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही छुट्टी पर गए थाना प्रभारी सुभाष चंद्र वापस ड्यूटी पर आए। फिर एक टीम गठित कर मामले की जांच और आरोपी की तलाश शुरू की।
आरोपी अज्ञात था, इसलिए पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच के साथ आरोपी की पहचान के लिए स्थानीय स्तर पर पूछताछ की। पुलिस ने इस दौरान 22 अलग अलग जगहों की जांच की। उसके बाद घटना वाली जगह की पहचान रामनाथ विजय मार्ग पर हुई। जहां नीले रंग के कमरे के पास पीड़िता की चप्पल मिली। पुलिस ने उसके आस पास के सीसीटीवी कैमरे की जांच की और लाल रंग की ई-रिक्शा का पता लगाया गया।
टीम ने बीएल कपूर अस्पताल, करोल बाग मेट्रो स्टेशन, राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन, पटेल नगर मेट्रो स्टेशन और पूसा बस स्टैंड पर रिक्शा स्टैंड की जांच की। संदिग्ध ड्राइवरों की तस्वीरें ली गईं और पहचान के लिए टीम के सदस्यों के बीच बांटी गईं। निगरानी के दौरान ही संदिग्ध चालक राजेंद्र प्लेस पेट्रोल पंप और जेपी सिद्धार्थ होटल के बीच खड़ा मिला।
उसका चेहरा आरोपी से मिलता जुलता था। पुलिस टीम को देखकर आरोपी भागने की कोशिश करने लगा, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल ई-रिक्शा और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।