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Delhi NCR News: त्रिवेणी कला संगम में शुरू हुआ अबव द फर्मामेंट्स
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। समकालीन मिक्स्ड मीडिया कलाकार तान्या खुराना की एकल प्रदर्शनी अबव द फर्मामेंट्स त्रिवेणी कला संगम की त्रिवेणी गैलरी में शुरू हुई। क्यूरेटर इकबाल कृष्णा की क्यूरेट की गई इस प्रदर्शनी में ब्रह्मांड, चेतना, विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच के गहरे संबंधों को कलात्मक अभिव्यक्ति दी गई है। प्रदर्शनी 18 अगस्त तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व भाजपा महासचिव संजय विनायक जोशी और बीआर वाकचौरे समेत कई लोगों की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान शिरडी विधानसभा के सांसद, अभिनेता एवं मोटिवेशनल स्पीकर इंदरपाल सिंह, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के निदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम, आफ्ट के अध्यक्ष संदीप मारवाह, थिएटर कलाकार और इंडिया हैबिटेट सेंटर के पूर्व निदेशक सुनीत टंडन सहित कई कलाकार और कला जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
तान्या खुराना ने हिग्स बोसॉन की अवधारणा को अपनी कला का आधार बनाते हुए उन अदृश्य शक्तियों को तलाशा है, जो पदार्थ, ऊर्जा, प्रकृति और मानव चेतना को जोड़ती हैं। उनकी कलाकृतियों में स्याही, ऐक्रेलिक, ऑयल और मिश्रित माध्यमों के साथ लेजर-कट कैनवस, परतदार बनावट और रासायनिक प्रक्रियाओं का प्रयोग दिखाई देता है। तारामंडल, आणविक संरचनाएं और जैविक पैटर्न उनकी रचनाओं को ब्रह्मांडीय स्वरूप देते हैं। प्रदर्शनी दर्शकों को दृश्य-अदृश्य और भौतिक-आध्यात्मिक के बीच संबंधों पर सोचने का अवसर देती है।
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नई दिल्ली। समकालीन मिक्स्ड मीडिया कलाकार तान्या खुराना की एकल प्रदर्शनी अबव द फर्मामेंट्स त्रिवेणी कला संगम की त्रिवेणी गैलरी में शुरू हुई। क्यूरेटर इकबाल कृष्णा की क्यूरेट की गई इस प्रदर्शनी में ब्रह्मांड, चेतना, विज्ञान और आध्यात्मिकता के बीच के गहरे संबंधों को कलात्मक अभिव्यक्ति दी गई है। प्रदर्शनी 18 अगस्त तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व भाजपा महासचिव संजय विनायक जोशी और बीआर वाकचौरे समेत कई लोगों की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान शिरडी विधानसभा के सांसद, अभिनेता एवं मोटिवेशनल स्पीकर इंदरपाल सिंह, नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट के निदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम, आफ्ट के अध्यक्ष संदीप मारवाह, थिएटर कलाकार और इंडिया हैबिटेट सेंटर के पूर्व निदेशक सुनीत टंडन सहित कई कलाकार और कला जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
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तान्या खुराना ने हिग्स बोसॉन की अवधारणा को अपनी कला का आधार बनाते हुए उन अदृश्य शक्तियों को तलाशा है, जो पदार्थ, ऊर्जा, प्रकृति और मानव चेतना को जोड़ती हैं। उनकी कलाकृतियों में स्याही, ऐक्रेलिक, ऑयल और मिश्रित माध्यमों के साथ लेजर-कट कैनवस, परतदार बनावट और रासायनिक प्रक्रियाओं का प्रयोग दिखाई देता है। तारामंडल, आणविक संरचनाएं और जैविक पैटर्न उनकी रचनाओं को ब्रह्मांडीय स्वरूप देते हैं। प्रदर्शनी दर्शकों को दृश्य-अदृश्य और भौतिक-आध्यात्मिक के बीच संबंधों पर सोचने का अवसर देती है।
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