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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   From music to theatre, 115 artists received the highest honour in the arts

Delhi NCR News: सुरों से रंगमंच तक, 115 कलाकारों को मिला कला का सर्वोच्च सम्मान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 13 Aug 2026 09:49 PM IST
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-राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप और पुरस्कार प्रदान किए
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संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। बृहस्पतिवार को भारतीय प्रदर्शनकारी कलाओं के कलाकारों का सम्मान किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में वर्ष 2024 और 2025 के लिए प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप प्रदान की। उन्होंने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार भी कलाकारों को दिए। राष्ट्रपति ने कलाकारों को देश की सामूहिक स्मृति का संरक्षक बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि कलाकार भविष्य की कल्पना के सृजनकर्ता हैं। वे भारत का ऐसा सांस्कृतिक मानचित्र बनाते हैं, जिसमें मिट्टी की कहानियां समाहित हैं। इसमें विभिन्न क्षेत्रों के नृत्य, उत्सव और भाषाओं की स्मृतियां भी शामिल हैं। भारतीय संस्कृति अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी हुई है। देश के विभिन्न हिस्सों में कलाएं प्रकृति से प्रेरणा लेती हैं। पक्षियों की चहचहाहट और बहते झरने रचनात्मकता का हिस्सा बनते हैं। विविधता में एकता भारतीय कलाओं की सबसे बड़ी ताकत है। राष्ट्रपति ने गुरु-शिष्य परंपरा को भारतीय कलाओं की महत्वपूर्ण पुस्तक बताया।
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अकादमी रत्न से सम्मानित हस्तियां
अकादमी की सामान्य परिषद की बैठक में सात हस्तियों को अकादमी रत्न के लिए चुना गया। इनमें कथक गुरु रामलाल बारेठ शामिल हैं। गायिका और नृत्यांगना रीता गांगुली को भी यह सम्मान मिला। कर्नाटक संगीत के विद्वान ए. वी. आनंद भी सम्मानित हुए। कथकाचार्य पुरु दधीच और गायक चित्तरंजन ज्योतिषी भी सूची में हैं। कुचिपुड़ी गुरु पसुमर्थी रत्तैया शर्मा और भरतनाट्यम नृत्यांगना सुधारानी रघुपति को भी अकादमी रत्न मिला।
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वर्ष 2024 और 2025 के अकादमी पुरस्कार
वर्ष 2024 और 2025 के लिए विभिन्न कलाओं में समग्र योगदान हेतु पुरस्कार दिए गए। वर्ष 2024 के पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में बांसुरी वादक राकेश चौरसिया, गायक निर्मल्य डे और कोरियोग्राफर शशिधरन नायर प्रमुख हैं। ओडिसी नर्तक बिचित्रानंद स्वैन, अभिनेता वागई चंद्रशेखर, लोक नृत्यांगना गुलाबो सपेरा और मोहिनीयट्टम नृत्यांगना सुनंदा नायर भी सम्मानित हुए। वर्ष 2025 के चयनित कलाकारों में गायक सुरेश गंधर्व, शहनाई वादक शैलेश भागवत, कथकली कलाकार कलामंडलम कृष्णकुमार और सत्रिया नृत्यांगना मल्लिका कंडाली शामिल हैं। रंगनिर्देशक कल्लोल भट्टाचार्य, रंगकर्मी सुबोध पटनायक, छाया कठपुतली कलाकार सिंधे चिथंबरा राव और कला समीक्षक मंजरी सिन्हा भी इस सूची में हैं।


लोक कलाओं का संरक्षण और गुरु-शिष्य परंपरा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोक कलाओं के संरक्षण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलते दौर में कई लोक कलाएं विलुप्ति के संकट का सामना कर रही हैं। इनके दस्तावेजीकरण के साथ इन्हें जीवंत बनाए रखना भी आवश्यक है। संगीत नाटक अकादमी ‘कला-दीक्षा’ कार्यक्रम आयोजित कर रही है। राष्ट्रपति ने वरिष्ठ कलाकारों से अगली पीढ़ी को तैयार करने का आह्वान किया। लोक कलाएं समुदाय की स्मृति और सामूहिक चेतना को अभिव्यक्त करती हैं। वे भारत की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आधार हैं।
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