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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Aircraft operations at IGI will be safer and more organized.

Delhi NCR News: आईजीआई पर विमान संचालन होगा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 09:09 PM IST
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- एयरसाइड रिमोट स्टैंड्स पर लगेंगे वर्ल्ड जियोडेटिक सिस्टम, इससे पायलटों, एटीसी और ग्राउंड स्टाफ को मिलेगी सटीक लोकेशन
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शनि पाथौली
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआई) पर विमान संचालन को अधिक सुरक्षित, सटीक और तेज बनाने के लिए एयरसाइड क्षेत्र में वर्ल्ड जियोडेटिक सिस्टम (डब्ल्यूजीएस) आधारित साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। एयरपोर्ट प्रबंधन ने इन बोर्डों की आपूर्ति, स्थापना, परीक्षण और संचालन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद एयरसाइड क्षेत्र में सभी रिमोट स्टैंड की पहचान वैश्विक भू-स्थानिक मानकों के अनुरूप होगी, जिससे परिचालन संबंधी भ्रम और त्रुटियों की आशंका कम होगी।
डब्ल्यूजीएस दुनिया भर में इस्तेमाल होने वाली मानक भू-स्थानिक निर्देशांक प्रणाली है। आधुनिक विमानन, जीपीएस, उपग्रह आधारित नेविगेशन, डिजिटल मैपिंग और एयरक्राफ्ट ट्रैकिंग जैसी प्रणालियां इसी मानक पर आधारित हैं। आईजीआई एयरपोर्ट पर एयरसाइड संकेतकों को भी इसी प्रणाली के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि सभी विभाग एक समान और सटीक लोकेशन का उपयोग कर सकें।
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नई व्यवस्था से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी), पायलट, ग्राउंड स्टाफ और एयरलाइन कंपनियों के बीच समन्वय बेहतर होगा। विमान पार्किंग, टैक्सींग, ग्राउंड हैंडलिंग और अन्य परिचालन गतिविधियों के दौरान किसी भी स्थान की पहचान स्पष्ट होने से संचालन अधिक सुचारु और सुरक्षित रहेगा। इससे विमान के टर्नअराउंड टाइम में भी कमी आने की उम्मीद है, जिसका लाभ यात्रियों को समय पर उड़ानों के रूप में मिलेगा।
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आईजीआई एयरपोर्ट पर प्रतिदिन सैकड़ों उड़ानों का संचालन होता है। व्यस्त समय में कई विमानों को टर्मिनल भवन से दूर स्थित रिमोट स्टैंड पर खड़ा किया जाता है, जहां यात्रियों को बसों के जरिए विमान तक पहुंचाया जाता है। डब्ल्यूजीएस आधारित पहचान प्रणाली लागू होने के बाद विमान, सेवा वाहनों और ग्राउंड टीमों के लिए निर्धारित स्थान तक पहुंचना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज होगा।

ये फायदे होंगे
नई तकनीक से एयर ट्रैफिक कंट्रोल और पायलटों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। उड़ान संचालन के दौरान स्टैंड और टैक्सी मार्ग की स्पष्ट पहचान होने से गलतफहमी की संभावना घटेगी और विमान की आवाजाही अधिक सुरक्षित होगी। वहीं ईंधन आपूर्ति, खानपान सेवा, बैगेज लोडिंग-अनलोडिंग, तकनीकी निरीक्षण और सफाई से जुड़े कर्मचारियों को भी सही स्थान तक कम समय में पहुंचने में सुविधा मिलेगी। इससे एयरसाइड क्षेत्र की परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
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