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Delhi NCR News: जीटीबी अस्पताल परिसर में खुले में पड़ा बायोमेडिकल कचरा, संक्रमण का खतरा
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-इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। जीटीबी अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल कचरे के खुले में निस्तारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि बाहरी कबाड़ी भी यहां से कचरा और अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं।
अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल किए गए दस्ताने, सिरिंज और पट्टियां निकलती हैं। इन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए। खुले में पड़े कचरे के संपर्क में आने से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। एक डॉक्टर के अनुसार, बायोमेडिकल कचरे को खुले में छोड़ना स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर लापरवाही है। इसमें खून और शरीर से जुड़े संक्रमित पदार्थ हो सकते हैं। ऐसे कचरे के संपर्क में आने से मरीजों, अस्पताल कर्मचारियों और कचरा उठाने वाले लोगों को संक्रमण का खतरा रहता है। इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत तुरंत हटाना और सुरक्षित तरीके से नष्ट करना जरूरी है।
मरीज रोहन कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर से बाहरी कबाड़ियों द्वारा कचरा ले जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। एक अन्य मरीज किशन का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मामले की जांच करनी चाहिए। उन्हें खुले में पड़े बायोमेडिकल कचरे को तत्काल हटाना चाहिए। इसके निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी जरूरत है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। जीटीबी अस्पताल परिसर में बायोमेडिकल कचरे के खुले में निस्तारण को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों के लिए संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। आरोप है कि बाहरी कबाड़ी भी यहां से कचरा और अन्य सामान उठाकर ले जाते हैं।
अस्पताल में मरीजों के इलाज के दौरान इस्तेमाल किए गए दस्ताने, सिरिंज और पट्टियां निकलती हैं। इन्हें निर्धारित नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाना चाहिए। खुले में पड़े कचरे के संपर्क में आने से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। एक डॉक्टर के अनुसार, बायोमेडिकल कचरे को खुले में छोड़ना स्वास्थ्य के लिहाज से गंभीर लापरवाही है। इसमें खून और शरीर से जुड़े संक्रमित पदार्थ हो सकते हैं। ऐसे कचरे के संपर्क में आने से मरीजों, अस्पताल कर्मचारियों और कचरा उठाने वाले लोगों को संक्रमण का खतरा रहता है। इसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत तुरंत हटाना और सुरक्षित तरीके से नष्ट करना जरूरी है।
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मरीज रोहन कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर से बाहरी कबाड़ियों द्वारा कचरा ले जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। एक अन्य मरीज किशन का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को मामले की जांच करनी चाहिए। उन्हें खुले में पड़े बायोमेडिकल कचरे को तत्काल हटाना चाहिए। इसके निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी जरूरत है।
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