{"_id":"6a85a85c5c5897b6dc002730","slug":"government-focuses-on-du-female-students-ahead-of-dusu-elections-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-151321-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: डूसू चुनाव से पहले सरकार का डीयू की छात्राओं पर फोकस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: डूसू चुनाव से पहले सरकार का डीयू की छात्राओं पर फोकस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-छात्राओं के लिए 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल ट्रिप शुरू
सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड होंगी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव से ठीक एक महीने पहले दिल्ली सरकार ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को केंद्र में रखते हुए विशेष बस सेवा शुरू की है। बुधवार को डीयू के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। खास बात यह है कि डूसू चुनाव 18 सितंबर को प्रस्तावित है और उससे करीब एक महीने पहले शुरू की गई इस सुविधा का उद्घाटन भी विश्वविद्यालय परिसर में हुआ है।
यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल के तहत 13 मार्गों पर 26 ट्रिप संचालित की जाएंगी। सेवा सुबह और शाम के व्यस्त समय में उपलब्ध होगी। नई सेवा में सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई है। बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती की जाएगी, जबकि बसों का संचालन महिला स्टाफ के जरिये किया जाएगा। इसके अलावा बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
डूसू चुनाव के ठीक पहले छात्राओं से जुड़ी सुविधा शुरू होने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इसे चुनाव से जोड़कर कोई बयान नहीं दिया गया है और आधिकारिक तौर पर इसका उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा बताया गया है। बावजूद इसके, चुनाव से करीब एक महीने पहले विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम और छात्राओं के लिए विशेष बस सेवा की शुरुआत ने इस पहल को राजनीतिक चर्चा के दायरे में ला दिया है।
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के दौरान छात्राओं की सुरक्षा और कॉलेजों तक आने-जाने की सुविधा लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से चुनाव से पहले छात्राओं के लिए समर्पित बस सेवा शुरू करना विश्वविद्यालय के बड़े छात्र समूह तक सीधे पहुंचने वाली पहल के रूप में भी देखा जा सकता है। राजनीतिक तौर पर इस पहल का असर कितना होगा, यह डूसू चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगा।
विज्ञापन
सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मी और होमगार्ड होंगी तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव से ठीक एक महीने पहले दिल्ली सरकार ने विश्वविद्यालय की छात्राओं को केंद्र में रखते हुए विशेष बस सेवा शुरू की है। बुधवार को डीयू के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल बस सेवा को हरी झंडी दिखाई गई। खास बात यह है कि डूसू चुनाव 18 सितंबर को प्रस्तावित है और उससे करीब एक महीने पहले शुरू की गई इस सुविधा का उद्घाटन भी विश्वविद्यालय परिसर में हुआ है।
यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल के तहत 13 मार्गों पर 26 ट्रिप संचालित की जाएंगी। सेवा सुबह और शाम के व्यस्त समय में उपलब्ध होगी। नई सेवा में सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई है। बसों में महिला पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती की जाएगी, जबकि बसों का संचालन महिला स्टाफ के जरिये किया जाएगा। इसके अलावा बसों में लगे पैनिक बटन को दिल्ली पुलिस के 112 पीसीआर इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
विज्ञापन
डूसू चुनाव के ठीक पहले छात्राओं से जुड़ी सुविधा शुरू होने को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से इसे चुनाव से जोड़कर कोई बयान नहीं दिया गया है और आधिकारिक तौर पर इसका उद्देश्य महिला यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा बताया गया है। बावजूद इसके, चुनाव से करीब एक महीने पहले विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम और छात्राओं के लिए विशेष बस सेवा की शुरुआत ने इस पहल को राजनीतिक चर्चा के दायरे में ला दिया है।
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के दौरान छात्राओं की सुरक्षा और कॉलेजों तक आने-जाने की सुविधा लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। ऐसे में सरकार की ओर से चुनाव से पहले छात्राओं के लिए समर्पित बस सेवा शुरू करना विश्वविद्यालय के बड़े छात्र समूह तक सीधे पहुंचने वाली पहल के रूप में भी देखा जा सकता है। राजनीतिक तौर पर इस पहल का असर कितना होगा, यह डूसू चुनाव के दौरान ही स्पष्ट होगा।