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Delhi NCR News: महिला आरक्षण विधेयक पर विधानसभा में भाजपा ने विरोध प्रदर्शन किया
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काली पट्टी बांधकर विपक्ष के रवैये के खिलाफ मुख्यमंत्री की अगुवाई में उतरे मंत्री और विधायक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी तापमान बढ़ा रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सभी मंत्री और भाजपा विधायकों ने काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विपक्षी की ओर से महिला आरक्षण विधेयक के प्रति अपनाए गए रवैये के विरोध में किया गया। विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन को भाजपा ने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के समर्थन में अपनी एकजुटता का संदेश बताया। सरकार का कहना है कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के उचित प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, परिवहन एवं आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की नीयत सही होती तो वह महिला आरक्षण विधेयक का खुलकर समर्थन करता, न कि बहाने बनाकर इसे रोकने की कोशिश करता। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान और भागीदारी का सवाल है।
डॉ. सिंह ने विपक्ष पर महिला-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि जो दल महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वही निर्णायक समय पर पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इस विरोधाभास को समझ रही है और राजनीतिक बयानबाजी से भ्रमित नहीं होगी। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए मंत्री ने आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजघाट पर तथाकथित सत्याग्रह के जरिए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब न्यायालय में देना होगा और सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है और महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से विधायिकाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से सजग और सशक्त रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नारी शक्ति की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक को लेकर सियासी तापमान बढ़ा रहा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सभी मंत्री और भाजपा विधायकों ने काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विपक्षी की ओर से महिला आरक्षण विधेयक के प्रति अपनाए गए रवैये के विरोध में किया गया। विधानसभा परिसर में हुए इस प्रदर्शन को भाजपा ने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के समर्थन में अपनी एकजुटता का संदेश बताया। सरकार का कहना है कि यह केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के उचित प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण के लिए उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
इस अवसर पर स्वास्थ्य, परिवहन एवं आईटी मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष की नीयत सही होती तो वह महिला आरक्षण विधेयक का खुलकर समर्थन करता, न कि बहाने बनाकर इसे रोकने की कोशिश करता। उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के सम्मान और भागीदारी का सवाल है।
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डॉ. सिंह ने विपक्ष पर महिला-विरोधी मानसिकता का आरोप लगाते हुए कहा कि जो दल महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं, वही निर्णायक समय पर पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब इस विरोधाभास को समझ रही है और राजनीतिक बयानबाजी से भ्रमित नहीं होगी। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए मंत्री ने आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजघाट पर तथाकथित सत्याग्रह के जरिए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब न्यायालय में देना होगा और सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती। डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है और महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से विधायिकाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं से सजग और सशक्त रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नारी शक्ति की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
