{"_id":"69b951707ad0b50550010532","slug":"bus-shelters-of-delhi-will-be-equiped-with-ai-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-128161-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: बस शेल्टर होंगे एआई से लैस, बटन दबाने से मिलेगी रूट और भीड़ की जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: बस शेल्टर होंगे एआई से लैस, बटन दबाने से मिलेगी रूट और भीड़ की जानकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
- अप्रैल में हो सकती है परियोजना की घोषण, 10 शेल्टरों का पायलट प्रोजेक्ट के तहत चयन
- पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सभी 1397 शेल्टरों में मिलेगी सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में यात्रियों को अब रूट या बस नंबर पूछने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना होगा। दिल्ली परिवहन विभाग शहर के सभी 1,397 बस क्यू शेल्टरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्पीकर्स से लैस करेगा। परियोजना के तहत यात्री सिर्फ एक बटन दबाकर बस की फ्रीक्वेंसी, किराया और भीड़ की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
बस शेल्टरों के पुनर्विकास की योजना कई वर्षों से अटकी थी। आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी इसके लिए डिजाइन प्रतियोगिताएं कराईं थीं, लेकिन कई बार टेंडर जारी करने के बावजूद कोई भी बिडर सामने नहीं आया। अब वर्तमान सरकार ने इस बाधा को दूर करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल का सहारा लिया है। इस मॉडल के तहत, निजी कंपनियां शेल्टरों का निर्माण और रखरखाव करेंगी। इसके बदले उन्हें वहां विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया जाएगा।
बेहतर नीति बनाने में मिलेगी मदद
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नई दिल्ली और दिल्ली हाई कोर्ट के आसपास के 10 प्रमुख जगहों का चयन किया गया है। अप्रैल में इस योजना की विस्तृत घोषणा होने की उम्मीद है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, सभी बस शेल्टराें का कायाकल्प किया जाएगा। स्मार्ट सिटी और डेटा प्रबंधन यह प्रणाली यात्री सुविधाओं के साथ दिल्ली परिवहन निगम के लिए डेटा जुटाने का भी काम करेगी। एआई कैमरे और सेंसर्स के जरिए पुरुष व महिला यात्रियों का अनुपात भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे भविष्य में बेहतर नीति बनाने में मदद मिलेगी।
ऐतिहासिक स्थलों की भी देंगे जानकारी
यात्री जानकारी के अभाव में गलत बस पकड़ लेते हैं या कंडक्टरों और सह-यात्रियों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन, नई परियोजना के तहत शेल्टर में एक बटन दबाते ही यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी। यात्री बस का नंबर, रूट, अगले स्टॉप, बस के आने का समय और यहां तक कि बस के भीतर कितनी भीड़ है, यह भी जान सकेंगे। खाली समय में आसपास के ऐतिहासिक स्थलों जैसे कुतुब मीनार या चांदनी चौक के बारे में रोचक तथ्य भी सुनाए जाएंगे।
Trending Videos
- पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सभी 1397 शेल्टरों में मिलेगी सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में यात्रियों को अब रूट या बस नंबर पूछने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना होगा। दिल्ली परिवहन विभाग शहर के सभी 1,397 बस क्यू शेल्टरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और स्पीकर्स से लैस करेगा। परियोजना के तहत यात्री सिर्फ एक बटन दबाकर बस की फ्रीक्वेंसी, किराया और भीड़ की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
बस शेल्टरों के पुनर्विकास की योजना कई वर्षों से अटकी थी। आम आदमी पार्टी की सरकार ने भी इसके लिए डिजाइन प्रतियोगिताएं कराईं थीं, लेकिन कई बार टेंडर जारी करने के बावजूद कोई भी बिडर सामने नहीं आया। अब वर्तमान सरकार ने इस बाधा को दूर करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल का सहारा लिया है। इस मॉडल के तहत, निजी कंपनियां शेल्टरों का निर्माण और रखरखाव करेंगी। इसके बदले उन्हें वहां विज्ञापन लगाने का अधिकार दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बेहतर नीति बनाने में मिलेगी मदद
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नई दिल्ली और दिल्ली हाई कोर्ट के आसपास के 10 प्रमुख जगहों का चयन किया गया है। अप्रैल में इस योजना की विस्तृत घोषणा होने की उम्मीद है। पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद, सभी बस शेल्टराें का कायाकल्प किया जाएगा। स्मार्ट सिटी और डेटा प्रबंधन यह प्रणाली यात्री सुविधाओं के साथ दिल्ली परिवहन निगम के लिए डेटा जुटाने का भी काम करेगी। एआई कैमरे और सेंसर्स के जरिए पुरुष व महिला यात्रियों का अनुपात भी रिकॉर्ड किया जाएगा, जिससे भविष्य में बेहतर नीति बनाने में मदद मिलेगी।
ऐतिहासिक स्थलों की भी देंगे जानकारी
यात्री जानकारी के अभाव में गलत बस पकड़ लेते हैं या कंडक्टरों और सह-यात्रियों पर निर्भर रहते हैं। लेकिन, नई परियोजना के तहत शेल्टर में एक बटन दबाते ही यात्रियों को रियल-टाइम जानकारी मिलेगी। यात्री बस का नंबर, रूट, अगले स्टॉप, बस के आने का समय और यहां तक कि बस के भीतर कितनी भीड़ है, यह भी जान सकेंगे। खाली समय में आसपास के ऐतिहासिक स्थलों जैसे कुतुब मीनार या चांदनी चौक के बारे में रोचक तथ्य भी सुनाए जाएंगे।